जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस के अध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे के नेतृत्व में जिला पशुपालन पदाधिकारी को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया. इस मांग पत्र में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के पशुपालकों की प्रमुख समस्याओं को रेखांकित करते हुए, उनके समाधान एवं समग्र विकास के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की गई. इसके तहत इन लोगों ने मांग पत्र सौंपा, जिसमें मांग की गयी कि प्रत्येक प्रखंड के 100 परिवारों को दुधारू गाय-भैंस अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएं, बकरी, भेड़, मुर्गी, बतख एवं सूकर जैसे छोटे पशुधन 500 परिवारों को उपलब्ध कराए जाएं, पशुपालन शेड निर्माण व पानी की सुविधा हेतु सौर टंकी लगाई जाए, बागबेड़ा, जुगसलाई, मानगो जैसे बड़े केंद्रों में गोबर प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाए, मृत पशुओं के शव प्रबंधन हेतु प्रत्येक प्रखंड में श्मशान घाट और उपकरण (जेसीबी व ट्रैक्टर) उपलब्ध कराए जाएं, पशु चिकित्सा एवं दवाइयों की पर्याप्त सुविधा बहाल की जाए, दुग्ध उत्पाद की ढुलाई के लिए पशुपालकों को इलेक्ट्रिक ऑटो अनुदान पर दिए जाएं. (नीचे भी पढ़ें)

इन मांगों के अलावा इन लोगों ने मांग रखी कि सभी दुधारू एवं पालतू पशुओं का बीमा लागू किया जाए, ग्राम एवं प्रखंड स्तर पर पशुपालन प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएं, चारा एवं चोकर पर सब्सिडी दी जाए. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम में हजारों परिवार पशुपालन पर अपनी आजीविका निर्भर करते हैं. अगर सरकार उचित सुविधा, तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराए तो न सिर्फ दुग्ध उत्पादन में भारी वृद्धि होगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे बहुत हद तक पलायन रूकेगी. हमने जो मांग पत्र सौंपा है, वह आम पशुपालकों की आवाज़ है और प्रशासन को इस पर तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए. इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे, राजकिशोर यादव, महेंद्र पाण्डेय, रईस रिजवी छब्बन, संजय सिंह आजाद, अंसार खान, आशीष ठाकुर, मुन्ना मिश्र, नलिनी सिन्हा, अशोक सिंह क्रांतिकारी, नारायण डे, रंजन सिंह, सन्नी सिंह, रतन रजक, सतीश यादव, सुशील घोष, निखिल कुमार, अजय यादव, मिठू अग्रवाल, सुल्तान अहमद सहित कांग्रेस नेता शामिल हुए.



