
जमशेदपुर : पूरे देश के साथ झारखंड में भी कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन शुरू हो गया है.कोरोना वैक्सिनेशन को लेकर केंद्र सरकार पुरजोर तरीके से तैयारियों में जुटी है. हाल ही में वैक्सीन के लिए कई राज्यों में ड्राई रन कामयाब रहा. अब दिल्ली समेत देशभर में शनिवार को ड्राई रन शुरु किया गया. इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को रिव्यू मीटिंग की. ड्राई रन कैसे होगा.ड्राई रन की प्रोसेस में वैक्सिनेशन से इतर चार स्टेप्स शामिल की जाएंगी.

इनमें पहला बेनीफिशियरी (जिन लोगों को डमी वैक्सीन लगाई जानी है) की जानकारी, दूसरा जहां वैक्सीन दी जानी है उस जगह की डिटेल, तीसरा मौके पर डाक्यूमेंट्स का वैरिफिकेशन और चौथा वैक्सिनेशन की मॉक ड्रिल और रिपोर्टिंग की जानकारी अपलोड करना शामिल है.ड्राई रन में पहले लिस्ट में शामिल किए कुछ लोगों को डमी वैक्सीन दी जाएगी. इस दौरान वैक्सिनेशन शुरू करने के लिए जरूरी इंतजामों का रिव्यू किया जाएगा. इससे असली वैक्सिनेशन के दौरान आने वाली संभावित कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा.हर साइट पर मेडिकल ऑफिसर इनचार्ज 25 बेनीफिशियरी को चुनेगा. हर सेंटर पर तीन कमरे होंगे.

पहला कमरा वेटिंग के लिए होगा. इसमें हेल्थ वर्कर की पूरी जानकारी का डेमो मिलान होगा. दूसरे कमरे में वैक्सीन दी जाएगी. तीसरे कमरे में वैक्सीन लगवाने वाले को 30 मिनट रखा जाएगा. ताकि उसे कोई परेशानी होने पर इलाज दिया जा सके.ड्राई रन में ये बेनीफिशियरी हेल्थ वर्कर्स ही रहेंगे. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे बेनीफिशियरी का डेटा Co-WIN(को-विन) ऐप पर अपलोड करें. यह वैक्सीन की डिलीवरी और मॉनिटरिंग का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है.
इस प्रोसेस के बाद Co-WIN(को-विन) उपयोगी हो पाएगा.स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि करीब 96 हजार वैक्सिनेटर्स को वैक्सिनेशन की ट्रेनिंग दी गई है. 2360 पार्टिसिपेंट्स को नेशनल ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स इंस्टीट्यूट में और 719 जिलों में 57 हजार से अधिक पार्टिसिपेंट्स को ट्रेनिंग दी गई है. वैक्सीन से संबंधित कोई भी जानकारी किसी भी राज्य में 104 नंबर डायल करके हासिल की जा सकेगी.



