जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित सनातन उत्सव समिति के अध्यक्ष चिंटू सिंह को जमशेदपुर पुलिस ने जेल भेज दिया, लेकिन उसको करीब दो घंटे तक कोर्ट में चली बहस के दौरान कोर्ट ने जमानत दे दी. बताया जाता है कि जब पुलिस ने जेल भेजा तो उनके अधिवक्ता प्रकाश झा जमशेदपुर के सीजेएम कोर्ट में बहस करने के लिए पहुंचे. सीजेएम कोर्ट में अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस ने जो नोटिस दिया है, उस नोटिस का समय पूरा नहीं हुआ है और नोटिस ही फर्जी तौर पर तैयार किया गया है और समय पूरा होने के पहले ही जेल भेजा जा रहा है. जबकि सुप्रीम कोर्ट कहता है कि जब तक नोटिस की अवधि पूरी नहीं होती है, तब तक पुलिस जेल नहीं भेज सकती है. (नीचे भी पढ़े)
करीब दो घंटे तक चली जिहर के बाद अधिवक्ता प्रकाश झा की दलील पर राजी हो गयी और तत्काल उसको बेल दे दिया. उसको साकची थाना के मामले में जमानत मिलने के बाद जुगसलाई थाना की ओर से एक पुराने मामले में हिरासत में लेने की तैयारी की गयी थी, लेकिन चूंकि, उसका प्रोडक्शन नहीं कराया गया था, इस कारण चिंटू वहां से बेल मिलने के बाद कोर्ट के दूसरे रास्ते से आसानी से निकल गया. आपको बता दें कि जमशेदपुर पुलिस ने बुधवार की सुबह ही चिंटू सिंह को भाजपा कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार किया था. उसको जेल भेज दिया था. उस पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और धारा 144 का उल्लंघन करने का मामला था. (नीचे भी पढ़े)
गौरतलब है कि चिंटू सिंह उर्फ हरजीत सिंह को पुलिस ने साकची स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार किया था. चिंटू सिंह को गिरफ्तार करने के बाद साकची थाने ले जाया गया और वहां से पूछताछ करने के बाद एमजीएम अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई. इसके बाद कोर्ट में पेश किया गया। 9 दिसंबर को बसंत सिनेमा के पास बवाल हुआ था. इसमें प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की हुई थी. इसी मामले में चिंटू सिंह को गिरफ्तार किया गया था.



