जमशेदपुर : जमशेदपुर के श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे हत्याकांड में तत्कालीन थाना प्रभारी सह अनुसंधानकर्त भोला प्रसाद सिंह एवं सुनाराम टुडू ने बुधवार को अदालत मे गवाही दी. वर्तमान में यह मामला कुख्यात अपराधकर्मी अखिलेश सिंह के खिलाफ अलग से मामले की सुनवाई अदालत में चल रही हैं. इस मामले की सुनवाई एडीजे-4 राजेन्द्र कुमार सिन्हा की अदालत कर रही हैं. भोला प्रसाद सिंह वर्तमान में रांची के एसटीएफ में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि पूरक अनुसंधान करते हुये अखिलेश सिंह के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था. भोला प्रसाद सिंह ने अदालत को बताया कि वह पूर्व अनुसंधानकर्ता सुभाष मुण्डू से ग्रहण किया था. सुभाष मुण्डू द्वारा पूर्व में दाखिल आरोप पत्र दिनांक 12 फरवरी 2008 को जितेन्द्र सिंह उर्फ पप्पू डॉन, 13 मई 2008 को विनोद कुमार सिंह एवं 25 मई 2008 को अमलेश सिंह के खिलाफ दायर आरोप पत्र का अवलोकन करते हुए इनके नार्को टेस्ट आदि का भी अवलोकन किया था. उन्होंने अदालत को बताया कि अनुसंधान ग्रहण करने के बाद 2 जून 2010 को वह वादी से संपर्क करने साकची बाजार पहुंचे थे और पूछताछ की थी. 20 जुलाई 2010 को स्मिता होटल पहुंचे थे. होटल मैनेजर श्रीनिवास राव उर्फ राजा से संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन नहीं हो सका था. आशीष डे की पत्नी डोलन डे से भी संपर्क का प्रयास किया गया था. 2 अगस्त 2010 को शौर्या होटल में अमलेश सिंह की ओर से दो व्यक्ति को ठहराने की चर्चा थी, लेकिन होटल ढाई-तीन साल पहले से ही बंद हो चुका था. मालिक जवाहर विग से मिलकर रजिस्टर का अलवोकन करना चाहा, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी. अनुसंधान में यह बात सामने आया था कि घटना के दो माह पहले तक सोनू और अन्नू स्मिता होटल में जाकर शराब पीते थे, उनका बिल 3 हजार रुपये का आता था. इस बात का उल्लेख केस डायरी में उन्होंने नहीं किया था. वही दूसरी ओर एमजीएम थाने के रिटायर कर्मचारी सुनाराम टुडू ने गवाही में कहा कि घटना के दिन एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पास था. पुलिस की गाड़ी आयी और मुझे थाना ले गयी और एक कागज पर हस्ताक्षर करवाया गया. लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नही हैं कि 14 नवंबर 2007 को जितेन्द्र कुमार सिंह उर्फ पप्पू डॉन के पास से उनकी उपस्थिति में कोई मोबाइल बरामद नहीं हुआ था. उल्लेखनीय हैं कि 2 नवंबर 2007 की सुबह साकची थाना क्षेत्र में पुरूलिया हाईवे रोड के पास अपराधियों ने श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस मामले में कर्मचारी तापस पाल के बयान पर साकची थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी. यह मामला अखिलेश के खिलाफ अलग से सुनवाई चल रही हैं.





