जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र के पिपला के पास 26 नवंबर 2018 को जवाहरनगर रोड नंबर 13 मानगो के रहने वाले इम्तियाज खान उर्फ गब्बर की हुई हत्या मामले में सुनवाई करते हुए जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे-2 अभाष वर्मा की अदालत ने बुधवार को आरोपी राज कुमार सिंह उर्फ छोटा बाबा एवं रूपेश कुमार यादव उर्फ दीवान को मंगलवार को अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई हैं. अदालत ने गब्बर की हत्या के आरोप में राज कुमार सिंह को उम्रकैद और 50 हजार रूपए का अर्थदण्ड लगया तथा धारा 27 आर्म्स एक्ट के तहत सात साल 10 हजार रूपए का अर्थदण्ड की सजा दी हैं. वहीं अदालत ने आरोपी रुपेश कुमार यादव उर्फ दीवान को धारा 307 (जानलेवा हमला) के तहत 10 साल 20 हजार रुपये, धारा 326 के तहत 7 साल 10 हजार रुपये और धारा 27 आर्म्स एक्ट के तहत 7 साल 10 हजार रूपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई हैं. (नीचे भी पढ़ें)
अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि अर्थदण्ड नहीं देने की स्थिति में एक साल के लिए अतिरिक्त सजा भुगतने की आदेश दी हैं. सभी सजा साथ-साथ चलेगी. अदालत ने फैसले में यह भी बताया कि मृतक गब्बर एवं जख्मी चन्द शेखर गौड़ को कंपनशेसन देने के लिए डीएलएसए को निर्देश दिए कि वे यह निर्णय लेंगे कि किसे कितनी राशि दी जाए जबकि अदालत ने इस मामले की अन्य दो आरोपी कुनाल सिंह और दीपक कुशवाह को साक्ष्य अभाव में बरी कर दिया था. राजकुमार सिंह उर्फ छोटा बाबा ने पुलिस को बताया था कि पिछले साल दुर्गापूजा पर उसके दोस्त अजीत की हत्या चंद्रशेखर गौड़ और उसके भाई चित्रसेन गौड़ ने मिलकर कर दी थी. मामले में चंद्रशेखर गौड़ कोर्ट से बरी हो गया था जबकि चित्रसेन गौड़ जेल में था. इस मामले में दीपक और कुणाल गवाह थे।इन दो गवाहों को मैनेज करने के लिये 12 लाख में सौदा तय हुआ था. गवाह को मैनेज करने के लिये गब्बर उर्फ इम्तियाज ने चंद्रशेखर से मिलाकर 12 लाख रूपए में सौदा तय किया था. लेकिन रूपए देने में आनाकानी करने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसी दिन कुणाल और दीपक गवाही देने कोर्ट पहुंचे थे. रूपए देने में आनाकानी करने पर दोनों ने मिलकर गोली मारकर इम्तियाज की हत्या कर दी जबकि चन्द्रशेखर को भी गोली लगी थी. उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2018 को इम्तियाज और चंद्रशेखर को 10 लाख रूपए के लिए गोली मार दी गयीं थी, जिसमें चंद्रशेखर को गोली लगने से जख्मी हो गया था. लेकिन इम्तियाज का घटना स्थल पर ही मौत हो गया था. (नीचे भी पढ़ें)
इस संबंध में चंद्रशेखर गौड़ के बयान पर रूपेश कुमार सिंह उर्फ दीवान, राज कुमार सिंह उर्फ छेटा बाबा, कुणाल सिंह और दीपक कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया था. चंद्रशेखर ने पुलिस को बताया था कि वह घटना के दिन अपने आवास पोखारी से मारूति स्विफ्ट कार से निकला था. मुखियाडांगा पहुंचा जहां से इम्तियाज को साथ लेकर पिपला गया. वहा राजकुमार और दीवान आने वाला था. दोनों को कार में बैठाकर पिपला शराब दुकान गया लेकिन दुकान बंद था. लौटते समय दीवान ने पूछा कि रुपए लाया है या नहीं इतने में चंद्रशेखर ने बोला कि रुपए कार के डिक्की में रखा है. इतने मे रूपेश उर्फ दीवान ने चंद्रशेखर को गोली मार दी किसी प्रकार वह कार का दरवाजा खोल कर भागने की कोशिश की पर पीछे से उस पर फिर गोली मारी गई जो उसके पीठ पर लगी वह भागते हुए किसी प्रकार आपना जान बचाया लेकिन राज कुमार सिंह ने इम्तियाज के सर मे गोली मार दी जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गया था. हत्या का कारण रूपए की लेनदेन को लेकर कर दी गई थी.




