जमशेदपुर: साकची स्थित सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) के चुनाव को लेकर चल रहा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है. मंगलवार को प्रधान पद के तीन उम्मीदवारों हरमिंदर सिंह मिंदी, हरविंदर सिंह मंटू और महेंद्र सिंह बोझा ने प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव संचालन समिति पर हमला बोला. तीनों उम्मीदवारों ने चुनाव संचालन समिति पर पक्षपात का आरोप लगाया. रिफ्यूजी कॉलोनी गुरुद्वारा कमेटी के कार्यालय में विभिन्न गुरुद्वारा के हरविंदर सिंह मिंदी ने कहा कि सीतरामडेरा, टिनप्लेट और सोनारी गुरुद्वारा को चुनाव से वंचित करना ठीक नहीं है. क्योंकि, इन गुरुद्वारों में प्रधान अपनी अच्छी अपनी सेवा दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्क्रूटनी के बाद चुनाव कमेटी ने जो वोटर लिस्ट जारी की थी, उसी के अनुरुप चुनाव संपन्न कराकर चुनाव कमेटी समाज में अच्छा संदेश दे. उन्होंने कहा कि इस वोटरलिस्ट में चाईबासा गुरुद्वारा का नाम छूट गया था. चुनाव कमेटी से अपील की गई है कि वह इस गुरुद्वारा का भी नाम वोटर लिस्ट में जोड़ें. 19 दिसंबर को प्रकाश पर्व के मद्देनजर बैठक में विभिन्न तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं. इसका उन्होंने विरोध किया है. हरमिंदर सिंह मिंदी, मंटू व महेंद्र सिंह ने साफ कहा कि अगर तीनों गुरुद्वारा को वोटिंग से वंचित रखा जाता है तो इसका विरोध होगा.(नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि परसुडीह गुरुद्वारा में पिछले चार सालों से गुरुद्वारा संचालित नहीं हो रहा है. वहां से श्री गुरुग्रंथ साहिब का प्रकाश भी गोलपहाड़ी गुरुद्वारा में स्थानांतरित हो चुका है. ऐसे में परसुडीह गुरुद्वारा कमेटी को चुनाव में वोट नहीं दिया जाना है. इसे लेकर उन्होंने संचालन समिति के पदाधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया है. सिखों के एक बड़े नेता पर भी आरोप लगाया गया है. उन्होंने कहा कि जिन गुरुद्वारा को वोट से वंचित रखने की बात कही जा रही है वह भगवान सिंह के विरोध में है. जबकि, तारकंपनी समेत कई गुरुद्वारों में भी विवाद बना हुआ है, लेकिन उन्हें वोटिंग का अधिकार दिया जा रहा है. प्रेस कांफ्रेस में मंटू, महेंद्र सिंह, टिनप्लेट के प्रधान तरसेम सिंह आदि मौजूद थे.



