जमशेदपुर : जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र के आदर्शनगर निवासी सौरभ शुभम झा की गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के आरोपी सोनू मिश्रा उर्फ संतोष को अदालत ने गुरुवार को दोषी करार दिया हैं. अदालत ने सजा के बिंदू पर सुनवाई के लिए 4 अगस्त को तिथि मुकर्रर की हैं. इस मामले की सुनवाई एडीजे -2 आभास वर्मा कर रही हैं. घटना 30 अप्रैल 2020 की सुबह 11.30 बजे की हैं. अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया की मामले में कुल 13 लोगों की गवाही हुई थी. घटना के दिन सोनू मिश्रा के वरना कार से सौरभ की स्कूटी में टक्कर होने को लेकर तू-तू मै -मै को लेकर गोली मारकर सौरभ की हत्या कर दी गई थी. इस संबंध में सौरभ शुभम की बहन रजनी पाठक ने उलीडीह थाना में सोनू मिश्रा एवं उसके पिता एवं पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. रजनी पाठक ने पुलिस को बताई थी कि घटना के दिन सुबह घर के सामने खड़ी थी, तभी देखा की उसके भाई सौरभ शुभम झा अपना स्कूटी लेकर पुराना घर से निकला था. जैसे ही वह मोड़ के पास पहुंचा कि सोनू मिश्रा की कार से टक्कर हो गई. और दोनों आपस में तू-तू मै -मै होने लगा. सोनू मिश्रा दौड़ते हुए घर गया और साथ पत्नी एवं पिता को लेकर आया. सोनू ने यह कहते हुए पिस्तौल निकाला और सौरभ पर गोली चला दिया, गोली सौरभ के गर्दन लगी और वह गंभीर रूप से जख्मी होकर जमीन पर गिर गया. उसे आसपास के लोगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया. रास्ते में ही सौरभ की मौत हो गया था.
सामूहिक दुष्कर्म के तीन अभियुक्त को उम्रकैद की सजा, यह सजा ताउम्र तक बरकरार रहेगा
सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने गुरुवार को तीन अभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई हैं. लेकिन यह सजा ताउम्र तक बरकरार रहेगा. अदालत ने तीनों पर 50-50 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया हैं. अभियुक्त का नाम कादिम उर्फ अब्दुल, ह्यूम पाइप रोड पुराना जेल चौक का रहने वाला आकाशदीप शर्मा और उलीडीह का रहने वाला मुंगीलाल उर्फ चंदन कुमार साह है. अपहरण, दुष्कर्म, छीनतई और मारपीट की घटना कोलकाता के शिवपुर रोड की रहने वाली युवती के साथ घटी थी. उसे एक युवक कोलकाता से जमशेदपुर लाया था एवं स्टेशन के पास एक होटल में रखकर उससे गलत करता था. उसके बाद अपने दो दोस्तों को बुलाया. दोस्तों ने मिलकर भी उससे गलत किया. यह फैसला एडीजे 4 राजेंद्र कुमार की अदालत ने सुनाया हैं. अदालत ने तीनों को धारा 366, 323, 379 और 376 डी में सजा दी है. अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि मामले में कुल 9 लोगों की गवाही हुई है.
मामला पांच अक्तूबर 2018 को युवती ने साकची थाने में दर्ज करायी थी. चालक मोहम्मद कादिम उर्फ अब्दुल उर्फ शमसूद अपने साथ युवती को 30 सितंबर 2018 को कोलकाता से जमशेदपुर यह कहकर लाया था कि वह घुमाने के लिये लेकर जा रहा है. ट्रेन से टाटानगर स्टेशन पर लाने के बाद उसे स्टेशन के पास ही लॉज में लाकर रखे हुए थे. इस बीच उसने युवती के साथ तीन बाद दुष्कर्म किया था. इस बीच उसके तीन साथी कादिम उर्फ अब्दुल, आकाशदीप और चंदन ने भी युवती के साथ दुष्कर्म किया. युवती ने मामले में कहा था कि 3 अक्टूबर को तीनों आरोपी एक सफेद रंग की कार लेकर आये और उसे लेकर मानगो पुल के पास लेकर गये. यहां पर उसके कान का सोने का टॉप और बैग सभी ने छीन लिया. हाथी घोड़ा मंदिर के पास ले जाकर ईंट-पत्थर से मारकर बुरी तरह से घायल कर दिया. इसके बाद सभी वहां से फरार हो गये. दूसरे दिन पुलिस ने अधमरा अवस्था में युवती को इलाज के लिये एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया था. पुलिस ने मामले में सीसीटीवी के आधार पर तीनो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. अदालत ने धारा 366 अपहरण में 10 साल, धारा 307 जानलेवा हमला में 10 साल, धारा 379 छीनतई में 3 साल और धारा 323 मारपीट मे एक साल की कारावास की सजा सुनाई हैं. अदालत ने फैसले में कहा कि सभी सजांए साथ-साथ चलेगी.





