
जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र में अक्तूबर 2015 को हुई भाजपा नेता राजेश सिंह के अपने भाई राकेश सिंह की हत्या के पांच आरोपियों को जमशेदपुर कोर्ट के एजीडे 9 की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. जिनको सजा सुनायी गयी है, उसमें मिंटू यादव, राजेश शर्मा, तारक मुखर्जी, राजेश गोराई, सुनील रजक और लक्खू तंतुबाई शामिल है. जमीन विवाद में एमजीएम थाना क्षेत्र के सुकना बस्ती में राकेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. सात अक्तूबर 2015 की यह घटना शाम पांच बजे घटी थी. बताया जाता है कि सुकना बस्ती में जमीन विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से भाजपा के तत्कालीन मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह और उसके सहोदर भाई राकेश सिंह गये हुए थे. वहां आपसी समझौता का प्रयास के लिए पंचायत बैठी थी. इसी बीच दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया और राजेश सिंह और राकेश सिंह पर लाठी डंडा और तलवार से हमला कर दिया गया था, जिसके बाद राकेश को इलाज के लिए टीएमएच में भरती कराया गया था.

तीन दिनों के बाद राकेश सिंह ने दम तोड़ दिया था. इस मामले में गोपाल गोराई द्वारा दर्ज एफआइआर में मिंटू यादव, लक्खू तंतूबाई, तारक मुखर्जी, सुनील रजक, राजेश गोराई, और राजेश शर्मा को आरोपी बनाया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था. इस मामले को लेकर आरोपियों ने हाइकोर्ट से जमानत ली थी, लेकिन बाद में उनकी जमानत को रद्द कर दिया गया था. सारे आरोपी फिर सुप्रीम कोर्ट भी गये थे. सुप्रीम कोर्ट में भी उनको बेल नहीं मिला और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर मामले का निष्पादन करने का आदेश दिया था. इसके बाद इसकी गवाही और बहस पूरी होकर सारे आरोपियों को दोषी करार दिया गया और सबको मंगलवार को सजा सुना दी गयी. इसमें आरोपियों की ओर से अधिवक्ता तापस मित्रा, प्रकाश झा, केएम सिंह और दिल्ली से आये अधिवक्ता मोहम्मद नियाजी ने भी बहस की थी.



