जमशेदपुर : सीएसआइआर-नेशनल मेटालर्जिकल लेबोरेटरी (सीएसआइआर-एनएमएल) जमशेदपुर ने ‘विज्ञान ज्योति’ पहल के तहत पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा और पश्चिमी सिंहभूम के जवाहर नवोदय विद्यालयों की 11वीं कक्षा की छात्राओं के लिए एक दिवसीय छात्र भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया. विशेष रूप से छात्राओं के लिए आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देना, जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना और युवा महिलाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और अनुसंधान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और करियर बनाने के लिए प्रेरित करना था. (नीचे भी पढ़ें)

इस कार्यक्रम में कुल 93 छात्राओं और 6 फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत एमटीई डिवीजन के सबसे वरिष्ठ वैज्ञानिक ‘जी’ डॉ एस शिवप्रसाद के उद्घाटन भाषण से हुई. उन्होंने छात्राओं को वैज्ञानिक सोच विकसित करने, जिज्ञासु बने रहने और लगातार नए विचारों को खोजने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कक्षा की पढ़ाई और वास्तविक दुनिया में वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के बीच के अंतर को पाटने के महत्व पर जोर देते हुए छात्राओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया. (नीचे भी पढ़ें)
आइएमडीसी के प्रमुख और वैज्ञानिक ‘जी’, डॉ के गोपालकृष्णा ने छात्राओं को रोजमर्रा की जिंदगी के उदाहरणों से विभिन्न सामग्रियों के अनूठे गुणों की जानकारी दी एवं दैनंदिन जीवन में उनके अनुप्रयोगों के बारे में सविस्तार चर्चा की. उन्होंने बताया कि यह देश की पहली ऐसी प्रयोगशाला है जिसने 3डी प्रिंटिंग के लिए गोल्ड एलॉय पाउडर तैयार करने का सफल प्रदर्शन किया है. वैज्ञानिक-ई डॉ पी श्रीदा ने सीएसआइआर और देश भर में फैली इसकी प्रयोगशालाओं के नेटवर्क पर एक जानकारीपूर्ण प्रस्तुति दी. उन्होंने छात्राओं को विभिन्न सीएसआइआर प्रयोगशालाओं, विशेष रूप से सीएसआइआर-एनएमएल में होनेवाली विविध अनुसंधान गतिविधियों से परिचित कराया और विज्ञान और नवाचार में रुचि रखने वाले युवा शिक्षार्थियों के लिए उपलब्ध विभिन्न अवसरों पर प्रकाश डाला. इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता वैज्ञानिकों के साथ छात्राओं की बातचीत और सीएसआइआर-एनएमएल में अनुसंधान के माहौल से उनका परिचय था. इस कार्यक्रम का समापन साइंटिस्ट ‘जी’, डॉ जय चक्रवर्ती के एक लोकप्रिय लेक्चर के साथ हुआ, जिसका विषय था “10+2 के बाद साइंस और टेक्नोलॉजी में करियर के अवसर”.




