
जमशेदपुर : जमशेदपुर के डीसी ऑफिस में आहूत बैठक में जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की गई. उप विकास आयुक्त मनीष कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नेहा संजना खलखो, सीडीपीओ, महिला सुपरवाइजर बैठक में उपस्थित थे. जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत सभी सुगोग्य लाभुकों तक सरकार की जलकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे इसे सुनिश्चित करें. गर्भवती महिलाओं, बच्चों का सुपोषण, स्वास्थ्य की निगरानी, बालिका शिक्षा, कुपोषण उपचार से जुड़े समाज कल्याण विभागीय योजनाओं का और प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है. बैठक में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषाहार वितरण, आंगनबाड़ी निर्माण, सेविका, सहायिका मानदेय भुगतान की समीक्षा तथा शौचालय के उपयोग को लेकर जन जागरूकता लाने हेतु आवश्यक दिशा-निदेश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं भाड़े के घर में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों की सूची मांगते हुए उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के आधार पर नया भवन उपलब्ध कराने हेतु प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. सेविका और सहायिका के रिक्त पदों को 1 माह में भरेंजिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने सेविका और सहायिका के जून-जुलाई माह के लंबित मानदेय को 20 अगस्त तक अनिवार्य रूप से भुगतान करने का निर्देश दिया. साथ ही आवंटन उपलब्ध होने पर प्रत्येक माह के 5 तारीख तक मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई. सेविका के 20 एवं सहायिका के 25 रिक्त पदों को भी एक माह में सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए भरने का निर्देश दिया गया. आकांक्षी प्रखंड मुसाबनी में सीडीपीओ एवं महिला सुपरवाइजर के रिक्त पदों को भरने हेतु विभाग से पत्राचार का निदेश समाज कल्याण पदाधिकारी को दिया गया. कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने एवं कुपोषण उपचार को लेकर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और तेज करने हेतु भी कई दिशा-निदेश दिए गए. कुपोषण को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मोटे अनाज (मिलेट) को बढ़ावा देने, साग-सब्जी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग पर बल दिया गया. सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की समीक्षा में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि जिले को अबतक 34312 आवेदन प्राप्त हुए हैं. जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिन्हें लाभ मिला हो उन्हें जरूर मिले, फेल्ड ट्रांजेक्शन की समीक्षा, तथा ज्यादा से ज्यादा नए सुयोग्य बालिकाओं को इस योजना से आच्छादित किए जाने का निर्देश दिया गया. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभुकों की समीक्षा के साथ-साथ योग्य माताओं को ही इसका लाभ मिले इसे सुनिश्चित किए जाने का निदेश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
शौचालय के उपयोग को दें जन आंदोलन का रूपजिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन तथा खले में शौच मुक्त गांव या जिला सिर्फ स्लोगन बनकर नहीं रह जाएं इसके लिए प्रशासन की ओर से नित नए प्रयास की जरूरत है. लोगों को शौचालय के उपयोग के प्रति व्यक्तिगत रूप से प्रेरित करने का निदेश दिया गया. उन्होने बताया कि सिर्फ खुले में शौच मुक्त गांव हो जाने से लोगों के स्वास्थ्य, कुपोषण से लड़ाई तथा कई सामाजिक बुराइयों को भी आसानी से खत्म किया जा सकता है. कहा कि शौचालय निर्माण मात्र योजना नहीं है बल्कि लोगों की जरूरत है इसे लेकर व्यापक रूप से जागरूकता लायें. उन्होने जिलेवासियों से भी अपील किया कि शौचालय निर्माण के लिए किसी योजना के लाभ का इंतजार नहीं करें, वैज्ञानिक, सामाजिक तथ्यों को देखते हुए सक्षम होने पर व्यक्तिगत रूप से भी निर्माण जरूर करायें.





