जमशेदपुर : जमशेदपुर के डीसी ऑफिस (समाहरणालय सभागार) में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र, सरकारी व डीम्ड लीज भूमि अतिक्रमण से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. सभी विभागों के राजस्व संग्रहण की क्रमवार समीक्षा में पाया गया कि गत वर्ष की तुलना में लगभग सभी विभागों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. उपायुक्त ने कहा कि वैसे विभाग जो शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाये वे अपनी कमियों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष बेहतर कार्ययोजना बनाकर शुरू से ही कार्य करें ताकि वित्तीय वर्ष के अंत तक शत प्रतिशत राजस्व प्राप्ति हेतु अतिरिक्त दबाव नहीं पड़े. उन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी को गालूडीह में संचालित वाहनों के फिटनेस जांच कार्य स्थल के नियमित जांच का निर्देश दिया. वहीं उप नगर आयुक्त जेएनएसी को बस स्टैंड के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने, मत्स्य विभाग के पदाधिकारी को गालूडीह में सरकारी तालाब के अतिक्रमण की शिकायत की जांच का निदेश दिया. (नीचे भी पढ़ें)

विभागवार राजस्व संग्रहण में स्टेट टैक्स, अर्बन सर्किल ने सालाना लक्ष्य का 82.51 फीसदी, जमशेदपुर सर्किल ने 73.91 फीसदी, सिंहभूम सर्किल ने 71.06 फीसदी, खनन कार्यालय ने 68.66 फीसदी, उत्पाद विभाग द्वारा 119.50 फीसदी, सब रजिस्ट्रार जमशेदपुर ने 85.48 फीसदी, सब रजिस्ट्रार घाटशिला ने 124.25 फीसदी, विद्युत प्रमंडल मानगों में 140.56 फीसदी, विद्युत प्रमंडल जमशेदपुर 131.65 फीसदी और घाटशिला विद्युत प्रमंडल ने 129.18 फीसदी राजस्व प्राप्ति किया है. वहीं परिवहन कार्यालय द्वारा 125.19 फीसदी, कृषि कार्यालय 167 फीसदी, मत्स्य कार्यालय 75.36 फीसदी, नगर निकायों में जेएनएसी द्वारा 91.72 फीसदी, मानगो नगर निगम ने 98.98 फीसदी, जुगसलाई नगर परिषद ने 96.49 फीसदी, चाकुलिया नगर पंचायत ने 98.01 फीसदी राजस्व संग्रहण किया. जन शिकायत से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए नागरिकों के माध्यम से प्राप्त जनहित अथवा व्यक्तिगत शिकायतों पर नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेश दिया गया. उपायुक्त द्वारा नीलाम पत्र की समीक्षा में लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी अन्य विभागीय कार्यों की तरह नीलाम पत्र के मामलों का भी दैनिक रूप से निष्पादन हेतु प्रभावी कदम उठाएं. कार्ययोजना बनाते हुए अधिक से अधिक केश डिस्पोजल हेतु निदेशित किया गया. जमीन की खरीद बिक्री, म्यूटेशन, भूमि सीमांकन तथा भूमि अभिलेख में परिशोधन तथा लगान रसीद काटने की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा के अंदर आवेदनों का निष्पादन पर बल दिया. म्यूटेशन को लेकर उपायुक्त द्वारा स्षप्ट निर्देश दिया गया कि समयसीमा के भीतर आवेदनों का निष्पादन हो. भू-अर्जन की समीक्षा में राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्ग परियोजनाओं में अर्जित भूमि एवं रैयतों के मुआवजा भुगतान पर चर्चा की गई तथा लंबित मुआवजा भुगतान में आपसी समन्वय से तेजी लाने का निर्देश दिया गया. वहीं सरकारी भूमि और डीम्ड लीज भूमि अतिक्रमण की भी समीक्षा में अतिक्रमण के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई, झारखंड उच्च न्यायालय से पारित न्यायादेश का अनुपालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. बैठक में निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय, उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार, जिला भू अर्जन पदाधिकारी गुंजन सिन्हा, सभी सीओ, अभियंता, एनएचएआई, टाटा स्टील, रेलवे, डीवीसी के प्रतिनिधि व अन्य संबंधित उपस्थित रहे.



