
जमशेदपुर : जमशेदपुर में आवारा कुत्तों को पकड़कर ले जाने की कार्रवाई को कुत्तों के प्रेमी (डॉग लवर्स) ने रोक दिया है. इन लोगों ने जमकर हंगामा किया और कुत्तों की नसबंदी को लेकर अपनायी जा रही प्रक्रिया का ही विरोध किया. इन लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने वाली गाड़ी को रोक दिया, जिसमें पांच कुत्तों को पकड़कर रखा गया था. इन लोगों के हंगामा के बाद चालक समेत अन्य लोग वहां गाड़ी छोड़कर भाग गये. टाटा स्टील अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी (जिसको पहले जुस्को के रुप में जाना जाता था) की ओर से इन आवारा कुत्तों को पकड़ा जाता है और फिर उसका नसबंदी बारीडीह में करने के बाद उनको वापस छोड़ दिया जाता है. कदमा क्षेत्र में जुस्को की टीम द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़कर ले जाया जा रहा था.
डॉग लवर्स ने इसका विरोध किया. इन लोगों ने कुत्तों को ले जाने का ही विरोध शुरू किया. इसके बाद जुस्को की यह कुत्ता पकड़ने वाली टीम वहां से निकलकर टीएमएच पहुंच गयी. वहां पीछा कर सारे डॉग लवर्स ने पकड़ लिया और हंगामा शुरू कर दिया. इसके बाद चालक और टीम वहां गाड़ी छोड़कर लौट गयी. इन लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया. डॉग लवर्स का कहना है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी कर दी जाती है, जिसका विरोध नहीं है, लेकिन नसबंदी करने के बाद उन कुत्तों को वहां लाकर नहीं छोड़ा जाता है, जहां से उनको ले जाया जाता है. कुत्तों का अपना इलाका होता है, जिससे अगर कोई अलग स्थान पर कुत्तों को छोड़ दिया जाता है तो उस इलाके के कुत्ते उसका विरोध करते है. ऐसा होते होते सबके बीच मारपीट हो जाती है. नतीजतन अकेले रहकर कुत्ते की मौत हो जाती है. इस तरह की प्रक्रिया के कारण कुत्तों को अघोषित तौर पर मार ही दिया जा रहा है, जो आपत्तिजनक बात है. इन लोगों नें जमकर विरोध किया. वे लोग लिखित तौर पर आश्वासन चाह रहे थे कि जुस्को या प्रशासन यह वादा करें कि कुत्तों को जहां से पकड़ा जायेगा, वहीं लाकर छोड़ेंगे और उनका नसबंदी के बाद जो स्टिच किया जाता है, उस स्टिच को भी बेहतर तरीके से किया जाये ताकि उनकी मौत बाद में चलकर नहीं हो जाये.






