जमशेदपुर : दयानंद पब्लिक स्कूल ने स्कूल परिसर में हिंदी पाठ और कहानी सुनाने की प्रतियोगिताओं का आयोजन करके बड़े उत्साह और उमंग के साथ हिंदी दिवस मनाया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व, सौंदर्य और सांस्कृतिक समृद्धि को उजागर करना था. साथ ही छात्रों को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने और अपने वक्तृत्व कौशल में आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना था. इस समारोह में नर्सरी से कक्षा आठ तक के लगभग 1000 छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की, जिन्होंने भावपूर्ण काव्य पाठ और मनमोहक कहानियों के माध्यम से हिंदी के प्रति अपने प्रेम का प्रदर्शन किया, जिससे न केवल छात्रों की भाषाई क्षमता सामने आई, बल्कि उनकी रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और भाषा के साथ भावनात्मक जुड़ाव को भी उभर कर सामने आया. (नीचे भी पढ़ें)

इस आयोजन का एक विशेष आकर्षण विद्यालय की प्रतिष्ठित पूर्व हिंदी शिक्षिका रीता ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाई. उनके लंबे अनुभव, गहन प्रतिक्रिया और उत्साहवर्धक शब्दों ने प्रतिभागियों को प्रेरित. उन्होंने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए युवा पीढ़ी में भाषाई गौरव का पोषण करनेवाली इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए विद्यालय प्रबंधन की सराहना की. छात्रों के उत्साह ने उनमें हिंदी के प्रति गहरा लगाव जगाने के विद्यालय के प्रयासों के प्रभाव को प्रदर्शित किया. (नीचे भी पढ़ें)

इस अवसर पर बोलते हुए विद्यालय प्रबंधन के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को उनकी जड़ों से जोड़ने और उनमें मातृभाषा के प्रति सम्मान बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि संवादात्मक और रचनात्मक गतिविधियों के आयोजन से, विद्यालय न केवल भाषाई दक्षता को मज़बूत करता है, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता और संचार में आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देता है.



