अन्नी अमृता/जमशेदपुर : एक तरफ जमशेदपुर की सडकों पर ट्रैफिक पुलिस सख्ती बरतते हुए चालान काट रही है, तो दूसरी तरफ जिले के डीटीओ कार्यालय में लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन का काम ठप है. स्मार्ट कार्ड की अनुपलब्धता से हजारों आवेदन पेंडिंग हो गए हैं. अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिन लोगों ने लाइसेंस पहली बार या फिर रिन्यूअल के लिए अप्लाई किया है, उनकी क्या हालत हो रही होगी. दूसरी तरफ नयी गाड़ी खरीदने वाले या पुरानी गाड़ी खरीदने/बेचने वाले सब परेशान हैं. क्योंकि रजिस्ट्रेशन का भी काम लंबित हो पड़ा है. (नीचे भी पढ़ें)
इस संबंध में पूर्वी सिंहभूम के डीटीओ दिनेश कुमार रंजन ने शार्प भारत से बातचीत में बताया कि बड़ी संख्या में कई आवेदन ऑनलाइन जेनरेट हो गए हैं, लेकिन स्मार्ट कार्ड की सप्लाई नहीं होने से स्मार्ट कार्ड भौतिक रूप में जारी नहीं हो पा रहा है. उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर तीन से चार हजार आवेदन ऐसे हैं जिनके स्मार्ट कार्ड भौतिक रुप से जारी नहीं हो पाए हैं. डीटीओ ने बताया कि स्मार्ट कार्ड लेकर और उसमें प्रिंट करने का काम रोजमाटा नाम की कंपनी करती है.कार्ड में एक चिप लगता है जो उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.इस वजह से कार्ड भी नहीं आ रहा है और प्रिंट करने का काम बंद है.डीटीओ ने बताया कि जिनके कार्ड ऑनलाइन जेनरेट हो गए हैं उनको एस एम एस के माध्यम से मैसेज भेज दिए गए हैं.डीटीओ ने कहा कि जो कागजात ऑनलाइन जेनरेट हो चुके हैं उनको लोग डीजी लॉकर में रख सकते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
उधर लाइसेंस या गाड़ी का स्मार्ट कार्ड न दिखाने पर पुलिस के साथ लोगों के विवाद की भी सूचनाएं आ रही हैं.एक कंपनी में कार्यरत एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने लाइसेंस रिन्यूअल के लिए अप्लाई किया जो ऑनलाइन जेनरेट भी हो गया जिसका डीटीओ कार्यालय से मैसेज भी आया.उ न्होंने उसे डीजी लाॅकर में रख लिया फिर भी जमशेदपुर और आदित्यपुर में एक दो जगहों पर उन्हें पुलिस को समझाने में मशक्कत करनी पड़ी.बार बार बताने पर भी कि डीटीओ कार्यालय से स्मार्ट कार्ड की हार्ड काॅपी नहीं जारी हुई है पुलिसवाले हार्ड कॉपी ही मांग रहे थे. वो तो मौके पर मौजूद दूसरे पुलिस अधिकारी समझ गए तो विवाद आगे नहीं बढ़ा, मगर फिर भी ये समस्या तो बनी ही हुई है. संभवतः पुलिसकर्मियों को इस बात की जानकारी नहीं है. (नीचे भी पढ़ें)
इस बारे में ट्रैफिक डीएसपी कमल किशोर ने शार्प भारत से कहा कि इस संबंध में वे डीटीओ से बात करेंगे. वहीं चिप के संबंध में डीटीओ ने कहा कि चिप विदेश से आता है और वे निश्चित तौर पर नहीं कह सकते, लेकिन हो सकता है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार में कोई ऐसी वजह हो जिससे चिप की सप्लाई नहीं हो रही है. शार्प भारत ने भी पता लगाने की कोशिश की तो पाया कि मध्यप्रदेश के इंदौर में भी डीटीओ कार्यालय में ऐसी समस्या पिछले साल सामने आई थी. इस संबंध में तब स्थानीय मीडिया में खबरें आयी थीं. जमशेदपुर की बात करें तो यहां डीटीओ कार्यालय में लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के औसतन 400 से 500 स्मार्ट कार्ड रोजाना जारी होते हैं. ऐसे में अगर कार्ड की समस्या हल हो गई तो चार पांच दिनों में ही पेंडिंग मामले सुलझ जाएंगे, लेकिन किसी के पास जवाब नहीं है कि इस इस समस्या का कब समाधान होगा?




