जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और ‘शिक्षक का सम्मान, शिक्षा का उत्थान’ विषयक सेमिनार के संयोजक सरयू राय ने कहा है कि 4 अक्टूबर को होने वाले आयोजन को महज एक सेमिनार के नजरिये से ही नहीं देखा जाना चाहिए. इस आयोजन का मकसद झारखंड की शिक्षा व्यवस्था की कमियों का पता लगा कर सरकार को उसके समाधान के बारे में बताना है ताकि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था बेहतरीन हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजन सिर्फ जमशेदपुर में ही नहीं वरन झारखंड के सभी जिलों में आयोजित किये जाएंगे. यहां मिलानी हॉल में 4 अक्टूबर को होने वाले ‘शिक्षक का सम्मान, शिक्षा का उत्थान’ विषयक सेमिनार की तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक में श्री राय ने कहा कि स्कूलों एवं अन्य स्त्रोतों से जो जानकारियां आई हैं, वह बेहद चिंतनीय हैं. जिला प्रशासन को चाहिए कि जो शिक्षक हैं, उन्हें उनके शैक्षणिक संस्थानों में भेज देना चाहिए ताकि वो शिक्षण कार्य करा सकें और खराब होती शिक्षा व्यवस्था सुधर सके. (नीचे भी पढ़ें)
सरयू राय ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा की स्थिति बेहद खराब है. कई विद्यालयों को विगत 2 वर्षों से विकास कार्य हेतु अनुदान नहीं मिला है. विद्यालयों में नियुक्त सरस्वती वाहिनी कर्मी को नियमित भुगतान नहीं मिल रहा है. पुस्तकालय की कमी है, सफाई कर्मियों की कमी है, शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य ज्यादा लिया जा रहा है. ऐसे ही, माध्यमिक शिक्षा में भी शिक्षा की स्थिति ठीक नहीं है. विद्यालयों में बेंच व डेस्क की कमी तो है ही, कम्प्यूटर शिक्षकों की घोर कमी है और तो और, इन विद्यालयों में शिक्षकेतर कर्मचारियों का सर्वथा अभाव है. श्री राय ने बताया कि उच्च शिक्षा की हालत भी गंभीर है. विश्वविद्यालयों में स्थायी प्राचार्य न के बराबर हैं. आवश्यकता आधारित शिक्षकों को पूरा मानदेय नहीं मिलता. ऐसी अनेक समस्याएं हैं, जिन पर सेमिनार में विस्तृत चर्चा होगी. इस बैठक में कार्यकर्ताओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा भी किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
सरयू राय ने कहा कि इस सेमिनार के आयोजन का उद्देश्य ही यह है कि हम लोग शिक्षा की स्थिति को सुधारने में जो संभव हो, योगदान कर सकें. उन्होंने बताया कि सेमिनार का आयोजन डीबीएमएस हाईस्कूल परिसर के कलाकृति प्रेक्षागृह, रंकिणी मंदिर के समीप, कदमा में होगा. सेमिनार में शिक्षा पर आधारित एक स्मारिका का भी विमोचन किया जाएगा. यह आयोजन स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है. सरयू राय ने बैठक में बताया कि 4 अक्टूबर को पंजीकरण सुबह 9 से 10 बजे तक होगा. इसके बाद उद्घाटन सत्र सुबह 10 से 11 बजे तक चलेगा. प्रथम सत्र सुबह 11.15 से दोपहर 12.30 तक, द्वितीय सत्र दोपहर 12.30 से 2 बजे तक, तृतीय सत्र दोपहर 3 से शाम 4.30 बजे तक (शिक्षकों का सम्मान) और चतुर्थ सत्र शाम 4.30 से 5.30 बजे तक चलेगा.







