जमशेदपुर : जुगसलाई स्थित श्री राजस्थान शिवमंदिर के शताब्दी वर्ष समारोह की शृंखला में रविवार को शिवमंदिर परिसर में दो दिवसीय व्याख्यान का आयोजन शुरू हुआ. इसमें उज्जैन से पधारे जीवन प्रबंधन गुरु विजय शंकर मेहता ने पहले दिन ‘एक शाम हनुमान के नाम’ विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि चिरंजीवी हनुमान जी आज भी साक्षात एवं प्रत्यक्ष देवता हैं. श्री मेहता ने कहा कि श्री हनुमान चालीसा के चालीस नहीं बल्कि 43 पद हैं, श्री हनुमान चालीसा को श्री हनुमान जी का शब्दावतार भी कहते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

श्री मेहता ने अपने व्याख्यान के दौरान श्री हनुमान चालीसा के प्रत्येक पद का विस्तार से विशलेषण भी किया. उन्होंने कहा कि मन रूपी दर्पण को साफ करने के बाद ही हनुमान जी की भक्ति करें. उन्होंने कहा कि श्री हनुमान जी की भक्ति करने वाला कभी भी अवसाद में नहीं जाता, हनुमान जी का सही नाम बजरंगी है एवं जो अपने मान का हनन कर दे वही हनुमान है. उन्होंने कहा कि जो लोगों के दिल पर राज करे, वही साक्षात देवता हनुमान जी हैं. श्री मेहता ने अपने व्याख्यान के दौरान सुंदर कांड का भी विस्तार से विवेचन किया एवं भगवान् के समक्ष हाथ जोड़कर ताली बजाने ओर होठों पर मुस्कान का भी जीवन में गूढ अर्थ बताया. (नीचे भी पढ़ें)

इसे पूर्व व्याख्यान कर्ता पंडित विजय शंकर मेहता का ब्यास पीठ पर विराजमान होने पर छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, रमेश अग्रवाल मेंगोतिया, दीपक अग्रवाल रामुका एवं विश्वनाथ शर्मा ने पुष्प गुच्छ प्रदान कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया. आज के व्याख्यान में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, रमेश मेंगोतिया, अनिल मेंगोतिया, गजानंद भालोटिया, आरके झुनझुनवाला, जया डोकानिया, लता अग्रवाल, किरण भाउका, अरुण बाकरेवाल, सीताराम अग्रवाल, संतोष खेतान, विनोद देबुका, श्याम सुंदर रिगंसिया आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए. आयोजन के दूसरे एवं अंतिम दिन, सोमवार को श्री मेहता ‘एक शाम परिवार के नाम’ विषय पर व्याख्यान देंगे. आयोजन को सफल बनाने के लिए सांवर लाल शर्मा, कमल किशोर अग्रवाल, पवन काबरा, पवन सिंगोदिया, संजय गुप्ता, सुशील सर्वा, कैलाश अग्रवाल, मनोज केडिया आदि सहित अनेक सदस्य सक्रिय रहे.







