
जमशेदपुर/चाकुलिया : जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने बुधवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान लोकसभा क्षेत्र के चाकुलिया, बहरागोड़ा और घाटशिला क्षेत्र में हाथियों द्वारा किये जा रहे उत्पात और आए दिन ग्रामीणों की हो रही मौत के मामले को उठाया. मामले को उठाते हुए सांसद श्री महतो ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा झारखण्ड के सीमावर्ती क्षेत्र (दखिनासोल, बनकाटी आदि क्षेत्रों में) में गहरी खाई (ट्रेंच) खोद दिया गया है. ये गहरी खाई (ट्रेंच) हाथियों के सामान्य आवागमन के मार्ग (एलिफेंट कोरिडोर) में है. इसके कारण हाथियों का सामान्य आवागमन नहीं हो पा रहा है, जिस कारण वे आसपास के ग्रामीणों को बुरी तरह प्रभावित कर रहे है. पिछले एक वर्ष के दौरान दर्जनों लोग मारे गए है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए है. इसी क्रम में तीन दिन पूर्व चाकुलिया प्रखण्ड के बनकाटी गाँव के आदिम जनजाति (सबर) के तीन लोगों की मौत (पिकलु सबर, कल्याणी सबर, दिशा सबर) हाथियों के कुचलने से हो गई है. सांसद श्री महतो ने मांग की है कि पश्चिम बंगाल सरकार को उचित निर्देष जारी किये जाए. सांसद श्री महतो ने ये भी कहा कि हाथियों से होने वाली मौत के लिए मुआवजा की राशि अत्यंत कम है. वर्तमान में यह रकम बहुत कम 2.5 लाख है, जिसको बढ़ाकर 10 लाख किया जाए और क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवजा राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रूपये किया जाए.







