राजकिशोर सिंह टिंकू / जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर देश के उन शहरों में शुमार है जिसे किसी भी तर्ज पर महानगरों से कम नहीं आंका जाता है. फिर मामला आपराधिक गतिविधियों से ही जुड़ा क्यों न हो, जमशेदपुर शहर इन मामलों में भी किसी मायने में शायद ही अन्य कुछ शहरों से पीछे हो. इसमें ठगी का मामला भी शामिल है. खासकर, नौकरी के नाम पर ठगी के मामले जमशेदपुर में अक्सर सामने आते ही रहते हैं. हालत यह है कि सचिवालय से लेकर टाटा स्टील सहित कई नामी-गिरामी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगा जा चुका है. (नीचे भी पढ़ें)
केस-वन : टाटा स्टील में नौकरी दिलाने के नाम पर 30 युवकों से ठगी
टाटा स्टील में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का यह मामला बीते सोमवार को ही सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने ओडिशा के क्योंझर के रहनेवाले कुलमनी ढाल और घाटशिला के अभिषेक घोष को गिरफ्तार किया. उनके पास से कंपनी का फर्जी आइडी कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बरामद किये गये थे. इन पर कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 30 युवकों से ठगी करने का आरोप है. पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि कुलमनी खुद को टाटा स्टील का वरीय अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देता था. फिर अलग-अलग पद के हिसाब से नौकरी देने के नाम पर उनसे छह हजार से लेकर करीब बारह हजार रूपये तक वसूले जाते थे. (नीचे भी पढ़ें)
केस-टू : सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 27.20 लाख की ठगी
मामला बीते मार्च महीने में तब सामने आया था जब इसकी लिखित मानगो के आजादनगर थाना में दर्ज कराई गयी थी. इस मामले में बागानशाही रोड नंबर-7 निवासी हामिदा बानो ने रांची के निशांत बाग नाज मेंशन निवासी बहन रशीदा नाज, बहनोई मंसूर अख्तर, उनके बेटे आदिल राशिद और रांची चर्च रोड निवासी कांग्रेस नेता तनवीर अख्तर पर बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. उन पर सचिवालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर 27.20 लाख रुपये ठगी करने का आरोप लगाया गया था. मामले को लेकर एसएसपी कार्यालय में भी न्याय की गुहार लगाई गई थी. (नीचे भी पढ़ें)
केस-थ्री : उत्तर प्रदेश के बड़े जालसाजों की जमशेदपुर से गिरफ्तारी
मामला उत्तर प्रदेश के कन्नौज के दो बड़े जालसाजों की जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र स्टेशन रोड के गुदरी मार्केट स्थित एक लॉज से गिरफ्तारी का है. इनमें एक का नाम बसंत लाल उर्फ अशोक, जबकि दूसरे का नाम असलम था. उन्हें150 से अधिक युवाओं को नामी-गिरामी कंपनियों में नौकरी का झांसा देकर ठगी के मामले में ओड़िशा के झारसुगोड़ा पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया था. इस मामले का सीधे जमशेदपुर से जुड़ाव नहीं था. बावजूद इसके जमशेदपुर से उस गिरफ्तारी ने साबित कर दिया था कि यह शहर ठगी के बड़े मामलों के आरोपियों का पनाहगार भी बनने की राह पर है.






