जमशेदपुर: जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्टार टॉकीज के पास गुरुवार को श्री इंटरप्राइजेज नामक नकली सैनिटाइजर, फेनाइल और हैंडवाश बनाने वाली फैक्ट्री में जमशेदपुर के एसडीओ के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने छापामारी की तो कई सारी नयी जानकारियां भी मिली. इसमें बड़ी सफलता जिला प्रशासन को हाथ लगी है. कोरोना वायरस को लेकर लोगों में मचे हड़कंप का लाभ उठाने के लिए काला कारोबार चल रहा था. बर्मामाइंस स्टार टॉकीज के पास जमशेदपुर एसडीओ चंदन कुमार ने छापामारी की तो श्री इंटरप्राइजेज में पाया गया कि सिर्फ कलर डालकर सेनिटाइजर और फेनाइल और हैंडवाश बन रहा था.
उसमें किसी तरह का कोई केमिकल नहीं था, जिससे बैकटेरिया या वायरस मर सके. श्री इंटरप्राइजेज के मालिक मनीष सिंह से सख्ती से पूछताछ की गयी. पूछताछ के बाद एसडीओ को उक्त कारोबारी ने बताया कि वे जुगसलाई के तापड़िया बिल्डिंग के पास स्थित केके फार्माश्यूटिकल के लिए वे नकली सैनिटाइजर और हैंडवाश बनाते है. इसके बाद वहां के सारे माल को जब्त करने के बाद एसडीओ पूरे दल-बल के साथ जुगसलाई स्टेशन रोड स्थित केके फार्माश्यूटिकल कंपनी के पास पहुंचे. वहां भी जांच की गयी तो कहीं से कोई जानकारी नहीं दी गयी.
इसके बाद जमशेदपुर के एसडीओ को यह जानकारी मिली कि केके फार्माश्यूटिकल कंपनी का गोदाम उसी रोड में इंदू अपार्टमेंट है. इसके बाद पूरी टीम इंदू अपार्टमेंट पहुंची, जहां सारा राज खुल गया. केके फार्माश्यूटिकल कंपनी के मालिक कमल गुप्ता द्वारा इस जांच में सहयोग नहीं किया गया तो पूरी टीम ने सख्ती बरती, जिसके बाद वहां हजारों नकली हैंडवाश और नकली सैनिटाइजर को बरामद किया गया.

उसका केमिकल जांच की जा रही है. दरअसल, बनाने वाली कंपनी और सप्लायर कंपनी, दोनों को किसी तरह इस तरह का कारोबार करने का लाइसेंस प्राप्त नहीं है. केंद्र सरकार ने सैनिटाइजर और मास्क को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत ला दिया है. इस कारण उक्त अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई हो रही है जबकि पहले से ही केमिकल एंड ड्रग्स एक्ट प्रभावी है. इसके तहत कार्रवाई की जा रही है. सभी का मिलान करने की प्रक्रिया चल रही है.






