
जमशेदपुर : जमशेदपुर में प्रशासन की खराब व्यवस्था लगातर सामने आ रही है. सोमवार को भी खराब व्यवस्था का एक मंजर सामने आया. सोमवार को एक पिता अपने 12 साल के बच्चे के इलाज के लिए भटकता हुआ एमजीएम अस्पताल पहुंचा. यहां वह अपने बच्चे को गोद में उठा कर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले गया. हालांकि तब तक बच्चे ने दम तोड़ दिया. अस्पताल परिसर में ही बच्चे की मां रो पड़ी. वहीं पिता बच्चे को गोद में लेकर ही भटकता रहा. बच्चे के दिल में छेद है, उसे इलाज के लिए बंगाल, उड़िसा और छत्तीसगढ़ ले जाया गया पर सभी ने इलाज के लिए मना कर दिया.
आयुष्मान कार्ड से नहीं हुआ इलाज, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद और सिविल सर्जन ने भी नहीं कि मदद
परसुडीह गोलपहाड़ी निवासी राजेश पात्रों के पुत्र सागर पात्रो के दिल में छेद है. राजेश चालक का काम कर अपना घर चलाते थे. सारी कमाई उन्होने अपने बेटे के इलाज में लगा दी. आयुष्मान कार्ड भी बनवाया पर आयुष्मान कार्ड से किसी भी अस्पताल में उसके बेटे का इलाज नहीं किया गया. सभी अस्पतालों ने यही जवाब दिया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा जिसके लिए रुपये लगेंगे. मदद के लिए उसने तत्कालिन मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद विद्युत वरण महतो और सिविल सर्जन से भी गुहार लगाई पर किसी ने उसकी एक न सुनी.

अंत में उसने उपायुक्त से मुलाकाल की. उपायुक्त के आदेश पर उसे 25 दिन के लिए मेडीट्रीना अस्पतालमें भर्ती कराया गया था जहां 13 दिनों तक इलाज करने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इलाज करने से मना करते हुए बाहर इलाज करने को कहा. सोमवार को भी वह ठीक ही था. अचानक से उसकी तबियत बिगड़ी जिसके बाद उसे सदर अस्पताल ले जाया गया यहां से एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया.







