जमशेदपुर : मानसून की बेरुखी के कारण तापमान और उमस में कोई कमी नहीं आयी है. स्कूल भी खुल चुके है. 22 जून से सारे स्कूलों में कक्षाएं संचालित हो रही है. इस बीच जमशेदपुर की डीसी विजया जाधव ने लोगों के लिए एक सलाह जारी की है, जिसमें हीटवेब और गर्मी से सचेत रहने की अपील की है. डीसी ने कहा है कि झारखंड सरकार के निदेशानुसार जमशेदपुर जिले के सभी कोटि के सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) एवं निजी विद्यालयों में कक्षा सुचारू रूप से 22 जून से शुरू हो गए हैं. स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों विशेषकर केजी से कक्षा 6 तक के बच्चों को अभी भी विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है. जमशेदपुर की उपायुक्त ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को दोपहर में स्कूल से वापस घर लाते समय कवर कर के लायें. (नीचे भी पढ़ें)
गर्मी के मौसम में विशेषकर बच्चे और वृद्ध जनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है. उपायुक्त द्वारा जिलेवासियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व अन्य सभी सरकारी अस्पताल तथा स्कूलों में ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही सभी बीडीओ को अपने पोषक क्षेत्र के स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केन्द्र व पीडीएस दुकानों में पेयजल उपलब्धता की क्या स्थिति है इसकी भी समीक्षा का निर्देश दिया गया है. नमक-चीनी का घोल, नींबू-पानी, आम का शर्बत, छाछ, लस्सी, तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गयी है.
लू एवं गर्म हवाओं से बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें- (नीचे भी पढ़ें)
- दोपहर 11 से 03 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें.
- घर से बाहर निकलें तो खुद को कवर करके ही निकलें.
- गर्मी में हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए ज्यादा पानी पीएं.
- हल्के रंग के, ढीले, सूती कपड़े पहनें.
- अपना सिर ढक कर बाहर निकलें, कपड़े, टोपी या छाते का प्रयोग करें.
- कठिन कार्यों को दिन के ठंडे समय में निर्धारित करें.
- धूप का चश्मा इस्तेमाल करें, सम्भव हो, तो तौलिया या गमछा रखें.
- मवेशियों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर के अंदर ही रखें.
- हीट स्ट्रोक या हीट रैश जैसे कमजोरी के लक्षणों को पहचाने जैसे चक्कर आना, सिरदर्द, पसीना और दौरे। यदि आप बेहोश या बीमार महसूस करते हैं, तो डॉक्टर के पास या अस्पताल जाएं.
- लू लगे व्यक्ति को छांव में लिटा दें, अगर उनके शरीर के कपड़े तंग हों तो उसे ढीला कर दें अथवा हटा दें.
- लू लगे व्यक्ति की हालत में एक घंटे तक सुधार न हो, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाएं.
- विशेषकर श्रमिक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सीधी धूप से बचें.
- बाहरी गतिविधियों के लिए विश्राम की आवृत्ति और अवधि बढ़ाएं.




