जमशेदपुर : जमशेदपुर हिंदू पीठ की ओर से मंगलवार को स्थानीय चैंबर भवन में “हलाल सर्टिफिकेशन : एक भारत विरोधी षड्यंत्र” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गयी, इसमें हिंदू जन जागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने उपस्थित लोगों को हलाल अर्थव्यवस्था के खतरों के विषय में बताया. उन्होंने कहा कि 2013 से आज तक हलाल अर्थव्यवस्था 2 ट्रिलियन डॉलर की बन चुकी है और इसके द्वारा अल्पसंख्यक मनमानी का विस्तार और आतंकवाद को फंडिग की जा रही है. (नीचे भी पढ़ें)

पिछले कुछ समय से भारत में ‘हलाल’ उत्पादों की मांग हो रही है और हिंदू व्यापारियों को व्यापार करने के लिए ‘जमीयत-उलेमा-ए-हिंद’ जैसी संस्थाओं से ‘हलाल प्रमाणपत्र’ लेने की सख्ती की जा रही है. भारत सरकार के आधिकारिक संगठन ‘एफएसएसएआइ’ (FSSAI) और ‘एफडीए'(FDA) उत्पादों को प्रमाणित कर रहे हैं तो एक अलग से ‘हलाल प्रमाणीकरण’ की क्या आवश्यकता है? उनका कहना है कि हम भारत में 15 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के लिए 80 प्रतिशत हिंदू समुदाय पर हलाल उत्पादों की सख्ती को नहीं सहेंगे.(नीचे भी पढ़ें)

मुसलमानों द्वारा प्रत्येक पदार्थ अथवा वस्तु इस्लाम के अनुसार वैध अर्थात ‘हलाल’ होने की मांग की जा रही है. उसके लिए ‘हलाल सर्टिफिकेट’ लेना अनिवार्य किया गया है. इसके द्वारा इस्लामी अर्थव्यवस्था अर्थात ‘हलाल इकोनॉमी’ को धर्म का आधार होते हुए भी बहुत ही चतुराई के साथ भारत में लागू किया गया. अब तो यह हलाल प्रमाणपत्र केवल मांसाहार तक सीमित न रहकर खाद्य पदार्थों, सौंदर्य प्रसाधन, औषधियों, चिकित्सालय, गृहस्थी से संबंधित आस्थापन और मॉल के लिए भी आरंभ हो गया है. भविष्य में स्थानीय व्यापारी, पारंपरिक उद्यमी, साथ ही अंततः राष्ट्र के लिए क्या संकट खडा हो सकता है, इस पर विचार करना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि आज यह प्रत्येक राष्ट्रभक्त नागरिक का कर्तव्य है कि वह हलाल अर्थव्यवथा के खतरों को समझे, इसके विरुद्ध जागृति और अभियान में सम्मिलित हो और भारत का भविष्य सुरक्षित बनाने में सहयोग दे. इस अवसर पर हिंदू पीठ के अध्यक्ष अरुण सिंह, कोषाध्यक्ष किशोर गोलछा, महिला अध्यक्ष कुमकुम सिंह, महिला सचिव शिखा शर्मा, युवा अध्यक्ष प्रकाश दुबे , हिंदू जनजागृति समिति के झारखंड समन्वयक शंभू गवारे तथा हिंदू पीठ एवं हिंदू जनजागृति समिति के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे.



