
जमशेदपुर : कर्नाटक में चल रहे हिजाब प्रकरण का मामला गर्माता नजर आ रहा है. इसको लेकर जमशेदपुर में भी आबोहवा को खराब करने की कोशिश तेज कर दी गयी है. इसको लेकर पक्ष और विपक्ष आमने सामने आता नजर आ रहा है. जमशेदपुर में ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट द्वारा 11 फरवरी को दोपहर डेढ़ बजे प्रदर्शन और विरोध करने का फैसला लिया गया है. इसको लेकर तैयारी की जा रही है. इसके खिलाफ गुरुवार को जमशेदपुर के विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के नेता और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के लोग पहुंच गये और विरोध करने लगे है. इन लोगों ने जमशेदपुर के एसएसपी और खासकर साकची थाना प्रभारी को लिखित तौर पर दिया है कि जमशेदपुर की आबोहवा बिगड़ सकती है, इस कारण ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट को धरना-प्रदर्शन से रोका जाये. ज्ञापन सौंपने वालों में बजरंग दल के विद्यार्थी प्रमुख हर्ष यादव, प्रिंस मिश्रक, विशाल यादव, चंदन पांडेय और सूरज कुमार समेत अन्य लोग उपस्थित थे. इन लोगों ने ज्ञापन में कहा है कि कर्नाटक के कॉलेज में हिजाब पहनकर जाने पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाया गया है. इसके बावजूद कर्नाटक के कॉलेज में हिजाब पहनकर मुस्लिम छात्राएं जा रही थी जिसके विरोध में वहां के हिंदू छात्रों द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर विरोध किया गया. भारत में हम सभी को धार्मिक स्वतंत्रता मिली है, किंतु इसकी आड़ में अपना मज़हबी एजेंडा चलाना, निश्चित रूप से गलत है. यहां बात बुरखा, हिजाब बैन करने की नहीं अपितु स्कूल और कॉलेज के ड्रेस कोड की है. स्कूल कॉलेज ने ये नियम बनाया है कि सभी बच्चे एक जैसे यूनिफॉर्म में आएंगे, चाहे वो किसी भी धर्म और मजहब से संबंध रखता हो ताकि सभी बच्चों में समानता रहें. लेकिन ऐसा कदम उठाया जा रहा है और उस मुद्दे को लेकर जमशेदपुर में विरोध प्रदर्शन करना गलत है, जिसका हम लोग विरोध करते है.





