जमशेदपुर : जुगसलाई कादरी मस्जिद में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तीन दिवसीय “जिक्र-ए-शुहदा-ए-कर्बला” कार्यक्रम का आयोजन काजी मुश्ताक अहमद की सरपरस्ती में आयोजित हो रहा है. इसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होते हैं. इस अवसर पर काजी मुश्ताक अहमद ने कहा कि कर्बला का पैगाम पूरी इंसानियत तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने कहा कि कर्बला केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक महान संदेश है. यह हमें सत्य और न्याय के मार्ग पर अडिग रहने, अत्याचार के सामने न झुकने, इंसाफ़ का साथ देने तथा सब्र, वफादारी और कुर्बानी की उच्चतम मिसाल पेश करने की शिक्षा देती है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि कर्बला हमें यह भी सिखाती है कि संख्या नहीं, बल्कि सच्चाई और चरित्र की ताकत महत्वपूर्ण होती है. हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानियां आज भी इंसाफ, मानवता और सत्य के लिए संघर्ष करने वालों को प्रेरणा देती हैं. काजी मुश्ताक अहमद ने लोगों से अपील की कि वे इस कार्यक्रम में शामिल होकर कर्बला के संदेश को समझें और उसे अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करें. ज्ञात हो कि इस कार्यक्रम का आयोजन आशिकाने रसूल कमेटी द्वारा किया जा रहा है.







