जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित लोयोला स्कूल में गुरुवार को संत इग्नेशियस ऑफ लोयोला की जीवंत विरासत के सम्मान में लोयोला दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इसके साथ ही विद्यालय में एक सप्ताह से चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं और विशेष सभाओं की शृंखला का भी समापन हो गया. आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ उनमें जेसुइट मूल्यों, सेवा भावना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा. कार्यक्रम के दौरान ‘मैजिस’ (अधिक की खोज) की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया. विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि जीवन में बेहतर करने की वास्तविक भावना केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों और महत्वाकांक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रेम, निःस्वार्थ सेवा और कृतज्ञता के माध्यम से भी इसे सार्थक बनाया जा सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
समारोह की शुरुआत रेक्टर फादर माइकल टी राज, पूर्व प्राचार्य फादर विक्टर मिस्क्विथ, लोयोला हिंदी स्कूल के फादर अजीत कुमार बहाला, इन्फैंट जीसस पैरिश के प्रिंसिपल फादर सिरिल तिग्गा, वाइस प्रिंसिपल जयंती शेषाद्रि और विनीता एक्का तथा सीनियर सेक्शन की समन्वयक विक्टोरिया प्रसाद के नेतृत्व में गरिमामय जुलूस के साथ हुई. इस अवसर पर संत इग्नेशियस ऑफ लोयोला के जीवन और उनके विचारों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए. विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा, अनुशासन और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया. कार्यक्रम का समापन नोबल नाइट एंथम की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ. इससे पूरा वातावरण लोयोला की गौरवशाली परंपरा और मूल्यों से ओतप्रोत हो गया.




