जमशेदपुर : मानगो स्थित नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर अशरफ बद्र ने चेतावनी दी है कि अगर मरीज जैद खान के परिजनों द्वारा उन्हें सोशल मीडिया में उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई तो वे उनके खिलाफ लीगल एक्शन लेंगे. गौरतलब है कि मानगो निवासी मोहम्मद जैद के गॉल ब्लाडर का विगत 2 अगस्त को डॉ अशरफ बद्र की क्लिनिक में ऑपरेशन हुआ था. लेकिन उसके बाद भी वह अभी तक ठीक नहीं हुआ है. (नीचे भी पढ़ें)
जैद के परिजनों का कहना है कि वे डॉक्टर अशरफ बद्र के पास से बराबर दवा ले जाकर चलाते रहे, लेकिन जैद नहीं ठीक नहीं हो रहा था. इसके बाद विगत 18 दिसंबर को वे लोग जैद को टीएमएच ले गए, जहां डॉक्टर अक्षय पंडा ने उन्हें बताया कि डॉ बद्र की क्लिनिक में उसे स्किन टीबी की दवा दी जा रही है, जबकि जैद को टीबी नहीं है. इसके बाद जैद के परिजनों ने डॉ बद्र कि क्लिनिक पहुंच कर वहां हंगामा खड़ा कर दिया. यह मामला पुलिस तक भी पहुंचा. अभी तक डॉक्टर बद्र एवं जैद के परिजनों में इसको लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है. जैद के परिजनों की मांग है कि डॉ बद्र टीएमएच में चल रहे इलाज का खर्च वहन करें, जबकि डॉक्टर बद्र का कहना है कि डॉक्टरों की टीम मामले की जांच कर रही है. जांच में अगर गलत इलाज की पुष्टि होती है तभी वे मुआवजा देंगे. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने मरीज जैद खान को सही दवा दिये जाने का दावा करते हुए कहा कि टीबी की जो दवा वह दे रहे हैं वह इन्फेक्शन रोकने में भी कारगर है. डॉ बद्र ने आज इसी को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मरीज के परिजन उसे फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर बदनाम कर रहे हैं, जो सही नहीं है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है. जांच में अगर वे दोषी पाये जाते हैं तो वे खर्च देने को तैयार हैं. डॉक्टर बद्र ने आरोप लगाया कि जैद आर्का जैन विश्वविद्यालय का छात्र है, जहां फीस जमा करने के लिए ही वह मुआवजे की मांग कर रहा है. वहीं विगत 18 दिसंबर को अपने क्लीनिक में हंगामे की घटना वाले दिन एक पत्रकार से बदसलूकी के मामले में उन्होंने सॉरी कहा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में आइएमए के पूर्व सचिव डॉ मृत्युंजय सिंह के अलावा सर्जन डॉ शमीम, हेना जरार आदि भी मौजूद थे.



