
जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज (एमजीएम कॉलेज) में 50 सीटों को बढ़ा दिया गया है. अब नये सत्र से सौ सीट के लिए एडमिशन लिया जा सकेगा. नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से इसको मंजूरी दी गयी है. पिछले साल एमसीआइ (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) ने कॉलेज में फैकल्टी, स्टाफ और डॉक्टर की कमी के साथ ही आधारभूत संरचनाओं में आयी 28 से अधिक कमियों को देखते हुए करीब 50 सीटों को घटा दिया गया था, जिसके बाद सिर्फ 50 सीटों के लिए ही दाखिला लिया जा रहा था. इसके बाद यहां रोक लगा दी गयी थी. यहां एमसीआइ ने जांच के दौरान पाया था कि एमजीएम अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक के पास पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री नहीं थी, जबकि यह होना अनिवार्य है जबकि मेडिकल रिकॉर्ड डिपार्टमेंट के साथ ही रेजीडेंट डॉक्टर भी नहीं है, जिस कारण इसकी मान्यता को रोक दी गयी थी. अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, डिजिटिल एक्सरे मशीन भी नहीं था, जिस कारण इसमें दाखिला को रोका गया था. वर्ष 2013 से एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की डिग्री के लिए सौ सीट पर पढ़ाई हो रही थी, लेकिन 2019 में 50 सीटों को घटा दिया गया था. एमजीएम कॉलेज में सौ सीट में दाखिला की इजाजत 2013 में दी गयी थी, जिसमें यह कहा गया था कि तीन साल में सारे संसाधनो को कॉलेज दुरुस्त कर लेगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिस कारण इसकी मान्यता को रोक दिया गया था. अब इसको मंजूरी दे दी गयी है. दूसरी ओर, जमशेदपुर के बारीडीह में मणिपाल मेडिकल कॉलेज में इस सत्र से पढ़ाई शुरू होने वाली है, जिसके लिए एडमिशन शुरू होने वाला है. यहां करीब 150 सीटों के लिए दाखिला होगा. एमसीआइ और मेडिकल कमीशन की मंजूरी के बाद इसमें दाखिला लिया जा रहा है. इसके बाद झारखंड में अकेला जमशेदपुर शहर होगा, जहां एक साथ 250 सीटों पर मेडिकल की पढ़ाई हो सकेगी. इस मेडिकल कॉलेज को टाटा स्टील और मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के संयुक्त प्रयास से खोला जा रहा है. यह कॉलेज सेंट्रल डीम्ड यूनिवर्सिटी के तहत स्वतंत्र एजेंसियां खोल रही है, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं दी गयी है. इस कारण इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा.







