जमशेदपुर : जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल परिसर में भुइयांडीह के भाजपा कार्यकर्ता और उसके जीजा के साथ हुई लाठी-डंडे से पिटाई के विरोध में भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिला अध्यक्ष गुंजन यादव ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए धरना पर बैठे हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि भुइयांडीह लकड़ीटाल निवासी मनीष शर्मा और उसके जीजा के साथ एमजीएम अस्पताल के होमगार्ड जवानों ने बर्बरता से लाठी-डंडे से मारपीट की है. उनका कहना है कि उनकी गर्भवती भांजी का समुचित इलाज नहीं किया गया और शिकायत करने पर उनके साथ मारपीट की गई. भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिला अध्यक्ष गुंजन यादव ने आरोप लगाया है कि एमजीएम अस्पताल में 8 से 10 होमगार्ड जवानों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की. उनका कहना है कि सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे थे, लेकिन होमगार्ड जवानों ने उनसे बार-बार आने-जाने का कारण पूछते हुए मारपीट शुरू कर दी. गुंजन यादव के अनुसार, जान बचाने के लिए उन्हें इधर-उधर भागना पड़ा, लेकिन जवानों ने उन्हें बंधक भी बना लिया. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद किसी भी होमगार्ड जवान ने नेम प्लेट नहीं पहन रखी थी. उनका कहना है कि जिन जवानों को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, वे ही लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं. घटना की जानकारी ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल, डीएसपी दयानंद कुमार और एमजीएम थाना प्रभारी को दी गई. पुलिस ने टूटी हुई लाठी को जब्त कर लिया है तथा घायल का मेडिकल (इंजरी) कराने के लिए भेजा गया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना का वीडियो बनाने पर उसे डिलीट करा दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद दोषी होमगार्ड जवानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता मनीष शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने अपनी गर्भवती भांजी को प्रसव के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया था. उनका आरोप है कि सामान्य प्रसव की संभावना होने के बावजूद डॉक्टरों ने सी-सेक्शन (ऑपरेशन) कर दिया. ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद टांके वाली जगह पर सूजन आ गई और घाव में संक्रमण हो गया, जिसके बाद उसे दोबारा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. मनीष का आरोप है कि भर्ती के दौरान डॉक्टरों ने मरीज की नियमित जांच नहीं की और परिजनों की शिकायतों को भी गंभीरता से नहीं लिया. उनका कहना है कि कई बार डॉक्टरों से मिलने और इलाज की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने आरोप लगाया कि शनिवार को जब वह अस्पताल के वेटिंग हॉल में बैठे थे, तभी कुछ होमगार्ड जवान वहां पहुंचे और उन्हें वहां से हटने के लिए कहा. विरोध करने पर जवानों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और लाठी से मारपीट की. मनीष शर्मा का यह भी आरोप है कि उनकी भांजी के पति के साथ भी मारपीट की गई. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने मारपीट का कारण पूछा तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. फिलहाल, मामले में एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और होमगार्ड जवानों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.




