जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में व्यवस्थाओं को और अधिक सुचारू बनाने को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्राचार्य व अस्पताल अधीक्षक डॉ बलराम झा ने की. इस दौरान अस्पताल संचालन, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था तथा मरीजों की सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में अस्पताल के सफाईकर्मियों को कड़े निर्देश दिए गए कि प्रसव केंद्र, इमरजेंसी तथा इमरजेंसी वार्ड की हर दो घंटे में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए. प्राचार्य ने स्पष्ट कहा कि साफ-सफाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि स्वच्छ वातावरण मरीजों के उपचार और संक्रमण नियंत्रण के लिए अत्यंत आवश्यक है. सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए होमगार्ड जवानों को भी दिशा-निर्देश दिए गए. तय किया गया कि एक मरीज के साथ केवल एक ही व्यक्ति को अंदर प्रवेश की अनुमति होगी. (नीचे भी पढ़ें)
अन्य परिजनों को सामान के साथ बाहर प्रतीक्षा करनी होगी. मरीज के भर्ती हो जाने के बाद ही बाकी परिजनों को अंदर आने दिया जाएगा. इस कदम का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण और अस्पताल परिसर में अनुशासन बनाए रखना है. प्राचार्य डॉ बलराम झा ने अस्पताल के सभी कर्मचारियों, डॉक्टरों और नर्सों के लिए ड्रेस कोड का सख्ती से पालन अनिवार्य कर दिया है. उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई कर्मचारी बिना ड्रेस के पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई कर्मचारी और डॉक्टर ड्रेस में नहीं आते, जिससे उनकी पहचान करना कठिन हो जाता है और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है. बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एमजीएम अस्पताल के सातवें तल्ले पर 10 बेड का कैंसर वार्ड शुरू करने की जानकारी दी गई. इसके लिए स्थान का चयन कर लिया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
वार्ड में आवश्यक उपकरणों की खरीद, डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार ने बताया कि कैंसर वार्ड शुरू होने से स्थानीय मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. अब उन्हें उपचार के लिए रांची स्थित रिम्स या अन्य बड़े अस्पतालों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी.




