जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में इलाज की सुविधाओं के विस्तार और पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) सीटों में बढ़ोतरी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को व्यापक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान जहां अस्पताल की कई गंभीर कमियां सामने आईं, वहीं सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शीघ्र शुरू करने के स्पष्ट निर्देश भी दिए गए. निरीक्षण टीम में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव ललित नारायण शुक्ला, चिकित्सा निदेशक डॉ. एस. सरकार तथा एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। टीम ने सबसे पहले इमरजेंसी, ओपीडी, वार्ड, ऑपरेशन थियेटर समेत अन्य प्रमुख इकाइयों का जायजा लिया. इस दौरान इमरजेंसी विभाग की अव्यवस्थित स्थिति पर अधिकारियों ने गहरी नाराज़गी जताई. इमरजेंसी को सुव्यवस्थित करने, लिफ्ट पर नियमित रूप से लिफ्ट मैन की तैनाती, पुराने और अनुपयोगी उपकरणों को हटाकर नए उपकरण लगाने तथा ऑपरेशन थियेटर के बाहर मरीजों व परिजनों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए. टीम ने कहा कि इतने बड़े और संसाधनयुक्त अस्पताल में बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी चिंताजनक है. (नीचे भी पढ़ें)

निरीक्षण के बाद संयुक्त सचिव ने प्राचार्य, उपाधीक्षक और सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की. उन्होंने सवाल उठाया कि बेहतर भवन और योग्य चिकित्सकों के बावजूद अस्पताल का संचालन सुचारु क्यों नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल अक्सर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रहता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में दवाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठे. संयुक्त सचिव ने पूछा कि क्या डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं. डॉक्टरों ने इससे इनकार किया, लेकिन अस्पताल के बाहर दवा दुकानों पर भीड़ को लेकर जांच के निर्देश दिए गए. सरकारी फंड खर्च न होने पर भी नाराज़गी जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को पांच लाख रुपये उपलब्ध कराने के बावजूद राशि खर्च न होना लापरवाही को दर्शाता है. इसके अलावा हार्ट, न्यूरो, कैंसर और प्लास्टिक सर्जरी जैसी सुपर स्पेशलिटी यूनिट जल्द शुरू करने का निर्देश दिया गया. कैथ लैब की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए भवन निर्माण विभाग को रिम्स, रांची से समन्वय कर शीघ्र डीपीआर तैयार करने को कहा गया.



