
जमशेदपुर : जमशेदपुर में झारखंड के सबसे बड़े साइबर क्राइम का पर्दाफाश करते हुए जमशेदपुर की पुलिस ने बुधवार को सरगना राहूल केसरी को जेल भेज दिया. इधर पुलिस अब उसके बारे में और जानाकारी हासिल करने में जुट गई है. इसके लिए अब पुलिस राहुल की गर्लफ्रेंड और उसके कंपनी की को-फाउंडर अंकिता से भी पूछताछ करेगी. वहीं पुलिस ने राहुल के लैपटॉप को भी जब्त कर लिया है. पुलिस की टेक्निकल टीम लैपटॉप की जांच कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि लैपटॉप से कई सारे राज खुलेंगे. इधर पुलिस को अंकिता से भी कई जानकारी मिल सकती है. अंकित मूलरुप से बिहार के कटिहार की रहने वाली है.
3500 करोड टर्नओवर की कंपनी को चालू करने के लिए चुना था झारखंड स्थापना दिवस का दिन
राहुल ने अपनी 3500 करोड रुपये के टर्नओवर वाली कंपनी आरके ग्रुप को शुरु करने के लिए झारखंड स्थापना दिवस यानी 15 नवंबर का दिन चुना था. हालांकि, कंपनी चालू होने से पहले ही पुलिस ने उसे धर दबोचा औऱ उसके इस प्लान को कामयाब नहीं होने दिया.
आरके ग्रुप में कई व्यापार थे शामिल
राहुल आरके ग्रुप के माध्यम से कई सारे बिजनेस को चालू करना चाहता था. वह आरके ग्रुप में क्रिप्टो करेंसी, वॉलेट, करेंसी एक्सचेंज, क्रेडिट कार्ड, पेमेंट गेटवे, राष्ट्रीय खबर जैसी सुविधाएं जिसमें करेंसी का इस्तेमाल हो सके. वह करेंसी एक्सचेंज में 95 से ज्यादा करेंसी को एक्सचेंज करने की सुविधा रखना चाहता था. साथ ही वह अपनी सुविधा लभभग 135 देशों से ज्यादा जगहों में शुरु करना चाहता था. इसके लिए उसके पूर्वी अफ्रीका के देश सेशाइल्स में कंपनी खोली जहां से वह करेंसी एक्सचेंज का काम कर सके. उसने पे-फ्रिक्वेंट नाम से डिजिटल मनी की शुरुआत भी करने की सोंची थी. वहीं वॉलेट में अगर कोई 1000 तक रखता है तो उसे निश्चित कैश बैक मिलता. 500-999 रखने पर हर दिन 5-50 कैशबैक दिए जाते. करेंसी के रुप में उसने डॉलर को चुना था. 1 पीयुएसडी 1 डॉलर के बराबर थी.
क्रेडिट कार्ड को तीन कैटेगोरी में बांटा था राहुल ने, मिलती थी बैंक जैसी सुविधाएं
मैट्रिक पास मानगो पारसनगर पोस्ट ऑफिस रोड का रहने वाले राहुल ने एक तरह से खुद का बैंक चालू करने की सोंचा था जो कि एक डिजिटल प्लेटफार्म पर काम करता. उसकी कंपनी के वेबसाइट के मुताबिक तीन तरह के कार्ड जारी किए जाते थे जिसमे क्लासिक कार्ड के लिए .99 डॉलर, गोल्ड के लिए 9.99 डॉलर और प्लैटिनम के लिए 14.99 डॉलर चार्ज करने वाला था. तीनों कार्ड में करेंसी कनवर्ट करने जैसी भी सुविधांए उपलब्ध है.
ग्रुप में हिंदी और अंग्रेजी खबर के वेबसाइट भी शामिल
राहुल को देश दुनिया की खबर रखने का भी शौक था. अपने ट्वीटर हैंडल में उसने ज्यादातर न्यूज चैनल को ही फॉलोकर रखा है. वहीं अपने आरके ग्रुप में उसने खबर को भी शामिल किया है जिसके माध्यम से उसने लोगो तक अंग्रेजी और हिंदी में खबर भी पहुंचाने की सोच रखी थी. अंग्रेजी के लिए 24×7 क्रिप्टो.कॉम नाम से वेबसाइट शुरु की थी तो हिंदी के लिए न्य़ूज पिटारा के नाम से वेबसाइट चलाता था. इसमें वह देश औऱ दुनिया से जुड़ी हर खबर को दिखाने की कोशिश करता था.
जमशेदपुर को दूसरा जामताड़ा बनाने की फिराक में था राहुल
झारखंड का जामताड़ा जिला पहले से ही साइबर क्राइम के लिए पूरी दुनिया में जाना माना है. राहुल ने जमशेदपुर को भी दूसरा जामताड़ा बनाने की सोंच रखी थी. उसने वेबसाइट डेवलपिंग भी गुगल के माध्यम से सीखा था. अपने साथी महेश पोद्दार को साइबर ठगी सिखाने के लिए तीन माह में 1.5 लाख रुपये लिए. वह अपने इस कारोबार को जमशेदपुर से ही पूरे देश में फैलाना चाहता था. पुलिस ने उसके इस साइबर अपराध के जाल को फैलने से रोक दिया. यहीं वजह है कि अपने साथ युवकों को जोड़ता था, जिसके माध्यम से वह ठगी का काम करता था और वह बहाली भी करता था.
महेश पोद्दार नहीं पकड़ाता तो पुलिस भी राहुल को नहीं पकड़ पाती
राहुल ने पूछताछ में बताया कि उसी के साथ महेश ने उसे फंसा दिया. वह महेश के साथ मिलकर काम नहीं कर रहा था. हालांकि महेश को उसने साइबर अपराध के बारे में सिखाया और उसे वेबसाइट भी बना के दी. राहुल ने पुलिस को बताया कि सिखने के दौरान महेश अपनी गर्लफ्रेंड की ओर ज्यादा ध्यान दिया करता था. वेबसाइट बना कर देने के बाद वह अपने काम पर लग गया. उसे खबर मिली थी कि महेश को पुलिस ने पकड़ लिया है. महेश अगर नहीं पकड़ाता तो पुलिस उसे भी कभी नहीं पकड़ पाती.
कई देशों का कर चुका है टूर, जब्त हुआ पासपोर्ट, रद्द होगा पासपोर्ट
राहुल कुमार वैसे तो मैट्रिक पास था, लेकिन वह अपने काम के कारण विदेशों का दौरा कर चुका है. जब वह पैसे कमाता था तो कुछ दिनों के लिए ब्रेक लेता था और बैंकॉक जाकर ऐय्याशी करता था और लौट आता है. अपने दोस्तों को भी ले जाता था. अपनी गर्लफ्रेंड को भी वह दुनिया में सैर कराता था. वह अब तक थाइलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया और सिंगापुर जैसे देशों का भ्रमण कर चुका है. यूके में भी वह दफ्तर चलाता था जबकि इंग्लैंड का भी वह दौरा कर चुका है. पुलिस ने उसके पासपोर्ट को जब्त कर लिया है और पासपोर्ट को रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है.














