
जमशेदपुर : जमशेदपुर का मॉडल छठ घाट के रुप में शायद जुगसलाई का महाकालेश्वर छठ घाट ही होगा, जहां ऐसी जबरदस्त घाट बनाया जाता है. यहां सेवा भाव खुलकर दिखता है. ना किसी जाति का बंधन, ना किसी समुदाय का बंधन, बस यहां लोग सेवा करते है. सेवा भी ऐसी कि व्रतियों का पवित्रता बनी रहे. श्री श्री महाकालेश्वर छठ घाट समिति जुगसलाई की ओर से इस परिपाटी को वर्षों से निभाया जा रहा है, जिसकी तारीफ पूरा शहर करता है. कोविड-19 के कारण देर से शुरू हुई व्यवस्था के बीच छठव्रतियों का यहां भव्य स्वागत किया जाता है. पूरे जुगसलाई एमइ स्कूल रोड की सड़कों की बकायदा हर व्यक्ति अपने घरों के आगे धुलाई करते है.

सफाई करते है. स्थानीय महिला और पुरुष गेट बनवाते है. लाइट सजाते है और लाल रंग के कालीन को पूरी सड़कों पर जहां तक छठ घाट है, वहां तक बिछाया जाता है ताकि किसी तरह की गंदगी के नीचे पैर नहीं पड़ जाये. जाहिर सी बात है कि इसमें प्रशासन का रोल कम और स्थानीय लोगों का रोल काफी बेहतर होता है. जुगसलाई विंधवासिनी मंदिर से लेकर बागबेड़ा की ओर जाने वाली सड़क पर बना पुल नया पुल बनाने के लिए तोड़ दिया गया है, लेकिन लोगों के आवाजाही के लिए लोगों ने तो यहां अस्थायी पुल भी बना दिया. लाल कालीन बिछा दिया गया है, जिसका मनोरम तस्वीर देखते ही बन रही है. यहां लोगों के लिए दूध और दातून समेत तमाम सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जाती है. इस बीच श्री श्री महाकालेश्वर छठ घाट समिति जुगसलाई का निरीक्षण भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल सारंगी जी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने धर्मेंद्र प्रसाद एवं अन्य नेताओं के साथ किया. इस अवसर पर महाकालेश्वर छठ घाट समिति द्वारा घाट की व्रतियों के लिए विद्युत सआज सज्जा एवं अन्य कार्यों की सभी ने तारीफ की उन्होंने कहा कि समिति के सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत एवं लगन से ही यह घाट झारखंड के सबसे अच्छे एवं सुरक्षित घाट जाना जाता है, यहां के कार्यकर्ता अपने लगन और मेहनत से छठ व्रत धारियों के लिए इस घाट का निर्माण साफ सफाई जी तोड़ और मेहनत कर करते हैं.

इस अवसर पर समिति के संरक्षक विजय सिंह पप्पू द्वारा सभी का स्वागत किया गया. इस अवसर पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अमर सिंह, सचिव नारायण सिंह, विमल शर्मा, संतोष दुबे, गिरधारी शर्मा, गोपाल शर्मा, श्याम गुप्ता, नागेंद्र पांडे, सतनारायण अग्रवाल मुन्ना, दीपक हल्दिया, रोहित शर्मा, आशुतोष सिंह, राहुल राज, आयुष, वशिष्ठ, बिट्टू, मोनाको राय, मनोज शर्मा, राजीव सिन्हा, राहुल पारेख, सतीश गोयल, बाबूलाल प्रजापति समेत समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे.







