
जमशेदपुर : मुंबई में चार माह से अपने बेटे और पति से लॉकडाउन में फंसी जमशेदपुर के कदमा भाटिया बस्ती (शुक्रवार को उनका पता सोनारी लिखा गया था, जो गलत था) की रहने वाली मां सोनिया दास अपने बच्चे से मिलने के लिए जमशेदपुर देर रात को पहुंच गयी. मुंबई से खुद स्कूटी चलाकर 1800 किलोमीटर का सफर तय कर एक मां अकेले मुंबई से चली और फिर जमशेदपुर पहुंच गयी. यह कोई मर्द भी शायद ही कर सकता है, लेकिन इस मां ने अपने बच्चे से मिलने के लिए यह जतन किया. एक मां के दर्द को जमशेदपुर का जिला प्रशासन ने भी समझा.
तत्काल उक्त मां को क्वारंटीन किया गया. जब मां आयी तो उनका तत्काल कोरोना टेस्ट कराया गया. कोरोना टेस्ट जब उनका नेगेटिव आया, तब उनको शनिवार की सुबह में बच्चे से मिलवा दिया गया. इस मौके पर जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी कृष्ण कुमार और डीएसपी अरविंद कुमार खुद मौजूद थे. बच्चे को भी इन लोगों ने राशन और खाने का सामान दिया तो मां को भी प्रशासन ने सलाम किया कि उनके जज्बे ने सबको एक राह दिखायी है और हिम्मत दी है. कदमा भाटिया बस्ती की रहने वाली महिला सोनिया दास का बेटा बीमार था. वह चार माह से अपने बच्चे से दूर थी.
लेकिन जब सुनी की उसकी तबीयत बिगड़ गयी है तो उसको रहा नहीं गया. पास में पैसे भी नहीं थे. मुंबई में लोगों से महिला ने चंदा किया. किसी तरह पैसे का जुगाड़ किया. अपनी स्कूटी निकाली और फिर जमशेदपुर के लिए चल पड़ी. उसने इससे पहले सरकार से लेकर सभी स्तर के लोगों से बात कर मदद मांगी थी, लेकिन उसको मदद नहीं मिल पायी, जिसके बाद उसने खुद यह पहल की. उसके पति के साथ उनका बेटा जमशेदपुर में ही थी. सोनिया का पांच साल का बेटा है. लगातार चार दिनों तक सफर करने के बाद वह अपने घर पर पहुंची तो बच्चे से मिलकर फूट-फूटकर रोयी.

फिर उसने प्रशासन का आभार जताया कि उन लोगों ने इतनी जल्दी उसका टेस्ट करा दिया. वैसे मां ने बताया कि उनके जैसे कई लोग फंसे हुए है, जो अपने घर नहीं आ पा रहे है. उनके पास पैसे भी नहीं है. नौकरी भी नहीं है, ऐसे में सरकार को ऐसे लोगों की मदद करनी चाहिए.







