
जमशेदपुर : देशभर में भले ही एनआरसी और सीएए कानून लागू हो चुकी है. मगर जमशेदपुर में एनआरसी और सीएए के खिलाफ हजारों मुस्लिम महिलाओं ने प्रदर्शन कर काला कानून को वापस लेने की मांग की है. जहां राष्ट्रीय ध्वज के साथ महिलाएं प्रदर्शन करती नजर आईं. वही देश के विभिन्न राज्यों से शुरू हुआ प्रदर्शन अब जमशेदपुर में भी देखने को मिल रहा है. वैसे केंद्र सरकार द्वारा एनआरसी और सीएए कानून लागू करने के बाद भी पूरे देश में लाखों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. वही इस प्रदर्शन की चिंगारी अब जमशेदपुर में भी देखने को मिल रही है जहां ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फंड के द्वारा विशाल जनसभा एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया जहां हजारों की संख्या में मुस्लिम महिलाएं पहुंचकर हाथों में तख्तियां एवं राष्ट्रीय ध्वज लेकर काला कानून को वापस लेने की मांग कर रही थी.

वहीं इस संदर्भ में मीडिया से बात करते हुए ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फंड के अध्यक्ष बाबर खान ने कहा कि आज हमारा संविधान खतरे में है जिसे वर्तमान केंद्र सरकार धर्म के नाम पर देश को बांट कर देश के वर्षों पुरानी इतिहास को बदलने का प्रयास कर रही है, जिसे हम हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा देश की आजादी में अपना खून बहाने वाले लोगों से उनकी पहचान पूछी जा रही है जो संविधान के खिलाफ है. हम संविधान की रक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

वही इस प्रदर्शन में मौजूद मुस्लिम छात्राओं का कहना है कि हमारे देश की गंगा- जमुनी तहजीब को खत्म करने का प्रयास गंदी राजनीति को दर्शाता है जिसे वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा दर्शाया जा रहा है. जिसका विरोध आज पूरे देश में करोड़ों लोग सड़कों पर उतर कर कर रहे हैं. वही हमारे संविधान ने हमें जो अधिकार दिया है उसका हनन सत्ता का धौंस दिखाकर कुछ लोग करने का प्रयास कर रहे हैं जिसे हम हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे. और यह आंदोलन उस वक्त तक जारी रहेगा जब तक हमारी जीत नहीं होती है.







