जमशेदपुर : जमशेदपुर में शुक्रवार को आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए एक विशेष मुहिम चलाई गई. यह अभियान जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (जेएनएसी) के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें नगर निकाय की टीम, पशुपालन विभाग और स्थानीय पुलिस बल शामिल रहा. शहर के मुख्य मार्गों—साकची, बिष्टुपुर, मानगो, कदमा और सोनारी में यह कार्रवाई सुबह से ही तेज़ी से चल रही है. जेएनएसी की टीम ने बताया कि शहर में लगातार बढ़ रहे आवारा पशुओं की संख्या न सिर्फ यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रही थी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी बढ़ा रही थी. इसी को देखते हुए निकाय प्रशासन ने अचानक यह विशेष मुहिम शुरू की. सुबह 7 बजे से टीमों ने ट्रकों और नेट कैचर की मदद से सड़कों पर घूम रहे गायों और बैलों को पकड़ने का कार्य शुरू किया. अब तक दर्जनों पशुओं को कब्जे में लेकर उन्हें गौशाला भेजने की प्रक्रिया चल रही है. (नीचे भी पढ़ें)

अभियान के दौरान सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों का ध्यान रखा जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि पशुओं को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी पशु को चोट न पहुंचे. पकड़े गए मवेशियों को अस्थायी शेल्टर में रखा जा रहा है, जहां उनकी जांच और देखभाल की व्यवस्था की गई है. इसके बाद उन्हें शहर के बाहर स्थित गौशाला में शिफ्ट किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है. कई नागरिकों ने कहा कि सड़कों पर आवारा मवेशियों के कारण जाम और दुर्घटनाएं आम बात हो गई थीं. ऐसे में यह अभियान शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है. वहीं, जेएनएसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करने की मुहिम अब आगे भी जारी रहेगी. उन्होंने पशु मालिकों को चेतावनी दी कि पशुओं को सड़कों पर छोड़ने पर चालान और जुर्माना लगाया जाएगा. यह विशेष अभियान शाम तक जारी रहने की संभावना है, और प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा.



