जमशेदपुर : जमशेदपुर के बारीडीह बस्ती स्थित भोजपुर कॉलोनी में नाली का चैम्बर और नाली की सफाई नहीं होने के कारण इसका गंदा पानी ओवरफ्लो करके लोगों के घरों पर प्रवेश कर जा रहा है. इसके कारण लोगों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है. इसकी जानकारी मिलने पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के विधायक जनसुविधा प्रतिनिधि हरेराम सिंह द्वारा जमशेदपुर अक्षेस से इसकी शीघ्र सफाई करवाने का अनुरोध किया था, परंतु इस पर त्वरित कारवाई नहीं हुई. कई बार अनुरोध करने के बाद सफाई सुपरवाइजर द्वारा इसका सर्वे तो किया गया परंतु इसकी सफाई करने पर पहल नहीं हुई. स्थानीय लोगों ने विधायक सरयू राय से संपर्क कर इसका समाधान करने का गुहार लगाया. विधायक सरयू राय के निर्देश पर विधायक जनसुविधा प्रतिनिधि हरेराम सिंह, भाजमो बारीडीह मंडल के अध्यक्ष विजय नारायण सिंह और उपाध्यक्ष गौतम धर ने स्थानीय लोगों के साथ जमशेदपुर अक्षेस के सफाई सुपरवाइजर आरके शर्मा और सफाई संवेदक के सुपरवाइजर अस्मित मंडल के साथ स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया.(नीचे भी पढ़े)
जमशेदपुर अक्षेस के सिटी मैनेजर क्रिस्टिना कच्छप को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया. सफाई सुपरवाइजर ने आश्वस्त किया था कि किसी भी हाल में इसकी सफाई मंगलवार को हो जाएगी. मंगलवार को इसकी सफाई करने का कार्य सफाई ठेकेदार द्वारा किया गया परंतु सफाई संवेदक सुधांशु ओझा द्वारा स्थल पर पहुंचकर कार्य को रोक दिया जाता है और उनके द्वारा यह यह कहा जाता है कि इस कार्य को नहीं करना है.बारीडीह मंडल के अध्यक्ष विजय नारायण सिंह ने इसकी सूचना हरेराम सिंह को दी, जिसके उपरांत हरेराम सिंह ने जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया. आश्चर्य की बात है कि जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी ने यह प्रतिक्रिया देकर फोन काट दिया कि सुधांशु ओझा से आपका क्या मतभेद है, जो वे कार्य नहीं करना चाहते हैं. थोड़ी देर बाद वे वापस फोन करके बोलते हैं कि नाली बनाते समय ही गलत तरीके से नाली का निर्माण किया गया गया है, जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है.(नीचे भी पढ़े)
जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी की ऐसा गैर जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया हैरान कर देने वाला है. आश्चर्य की बात है कि जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी को संवेदक के प्रति इतनी हमदर्दी क्यों है कि जनहित की बात छोड़कर 7 वर्ष पूर्व निर्माण किये गये नाली की वे दोष निकाल रहे हैं जबकि उक्त नाली का निर्माण भी जमशेदपुर अक्षेस द्वारा किया गया था. इतने संवेदनशील मामले में जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी स्वयं निर्देश देकर नाली की सफाई करवानी चाहिए ताकि वहां के स्थानीय लोगों को राहत मिल सके.



