जमशेदपुर : जमशेदपुर में अनाज की कालाबाजारी करने वाले दीपक मोहनानी और उसके भाई संजय मोहननी को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा किया. गुरुवार को पुलिस ने दोनों को बहरागोड़ा से गिरफ्तार किया था. पुलिस ने इनके पास से 5 मोबाइल फोन 7340 रुपए और एक कार भी बरामद किया है. घटना के बाद से ही दोनों अपना स्थान बदल रहे थे. पुलिस की गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों कार से बंगाल कि ओर जा रहे है इसके बाद पुलिस ने बहरागोड़ा में उन्हें धर दबोचा. पूछताछ में दोनों ने कई बड़े पदाधिकारियों के भी नाम लिए है. इनमें साकची गोदाम के एजीएम केपी सिंह औऱ बर्मामाइंस गोदाम के जगदीश हाजरा के अलावा अन्य अधिकारियों का नाम भी सामने आ रहा है. पूछताछ में दीपक ने पुलिस को बताया है कि हर 50 किलो चावल के बोरे के लिए मार्केटिंग ऑफिसर (एमओ) को 100 रुपये औऱ सहायक गोदाम प्रबंधक (एसजीएम) को 50 रुपये दिए जाते थे.
बाद में चावल को बाजार में अन्य दुकानदारों को बेच दिया जाता था. इसके साथ ही अन्य अधिकारियों को भी हर माह रुपये दिए जाते थे. दोनों ने पुलिस को यह भी बताया है कि दोनों किस तरह से इसकी कालाबाजारी करते थे. पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों 3 साल से इस घटना को अंजाम दे रहे थे. पुलिस अनुमान लगा रही है कि इनके द्वारा करोड़ों का घोटाला किया गया है. ज्ञात हो कि 18 सितंबर को साकची स्थित केएसएमएस और गोलमुरी के गाढ़ाबासा स्थित गोदाम में छापेमारी कर कई टन चावल और गेंहू बरामद किया गया था. जांच में पुलिस ने पाया था कि अनाज की कालाबाजारी के लिए इसे गोदाम में रखा जा रहा था. इस मामले में पुलिस ने दीपक मोहनानी औऱ संजय मोहनानी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. घटना के बाद से ही एक टीम का गठन किया गया था जिसमें गोलमुरी थाना प्रभारी, साकची थाना प्रभारी समेत अन्य लोगों को शामिल किया गया था, जिसके बाद इस टीम ने छापामारी कर कालाबाजारियों को गिरफ्तार कर लिया.






