
जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय की पार्टी भारतीय जनमोरचा के नेताओं ने कहा है कि अभय सिंह की भी संलिप्तता बिरसानगर के वकील प्रकाश यादव की हत्या में हो सकती है. भारतीय जन मोर्चा जमशेदपुर महानगर का एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन साकची कार्यालय में किया गया. इसमें जिला संयोजक राम नारायण शर्मा, कोल्हान प्रभारी संजीव आचार्य, जमशेदपुर पूर्वी के संयोजक अजय सिन्हा, जमशेदपुर पश्चिम के संयोजक मुकुल मिश्रा, साकची मंडल के विधायक प्रतिनिधि जोगिन्दर सिंह जोगी आदि शामिल थे.
संवादाता सम्मेलन में बताया गया कि अभय सिंह के द्वारा दिये गये प्रेस बयान में यह कहा गया कि प्रकाश यादव ने घटना के दो दिन पहले मैसेंजर पर उन्हें सूचना दिया था कि प्रकाश यादव के ऊपर कोई घटना घट सकती है. इस पर हम सभी अभय सिंह से यह जानना चाहते हैं, जब उनको इस घटना कि जानकारी दो दिन पूर्व मिल गयी थी, तो उन्होंने प्रशासन को इसकी सूचना क्यों नहीं दी. स्वर्गीय प्रकाश यादव ने घटना से पहले फेसबुक पर एक पोस्ट किया था कि ‘जिंदगी जब कठिन समय में नाच नाचाती है तो ढोलक बजाने वाले भी अपने ही व्यक्ति होते हैं’ यह पोस्ट कहीं अभय सिंह की ओर इशारा तो नहीं करता. प्रशासन इसकी जांच करे कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रकाश यादव की हत्या पर अभय सिंह की संलिप्तता तो नहीं है.
पूरा शहर जानता है कि अभय सिंह का पूरा परिवार आपराधिक, दबंग एवं भू-माफिया प्रवृत्ति का है. जमीन नापना और जमीन पर कब्जा करना और जमीन को कब्जे में लेने के लिए गोली चलाना और जान तक ले लेना इस परिवार का पेशा है. इसके कई उदाहरण मौजूद हैं जिसमें से एक अगस्त, 2005 में साकची कालीमाटी रोड में गोलीकांड है जिसमें कईयों की जान चली गयी और यह मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है. ताजा उदाहरण के तौर पर फरवरी 2020 में भालुबासा की निवासी पिंकी कुमारी को जमीन के लिए गोली मार देने की धमकी अभय सिंह के भाई दिलीप सिंह ने दिया था. उक्त महिला ने इसके खिलाफ सीतारामडेरा थाना में लिखित शिकायत दर्ज करवाया है. इसी तरह अभय सिंह और उसके परिवार के खिलाफ और भी कई मामले मौजूद हैं जिसे भारतीय जन मोर्चा के कार्यकर्ता आनेवाले समय में उजागर करेंगे.
ये सारे आरोप भी लगाये गये :
- अभय सिंह ने जिस प्रकार पर्यावरणविद सरयू राय पर यह आरोप लगाया कि ‘स्वर्णरेखा का पानी नापते-नापते जमीन नापने लगे’ यह भाषा का प्रयोग कोई जाहिल व्यक्ति ही कर सकता है. सरयू राय नागरिकों के हित में पर्यावरण के प्रति हमेशा सचेत और जागरूक रहते हैं न कि अभय सिंह जैसा किसी के घर और जमीन पर नजर रखते हैं.
- क्या अभय सिंह यह बतायेंगे कि विगत 10 वर्षों के विधायकी काल में विधायक सरयू राय द्वारा कितना सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है और कहाँ-कहाँ किया गया है और अभय सिंह को खुद भी अपने बारे में बता देना चाहिए कि जमीन के लिए कब-कब गोली चलायी और कितनों के घरों में जाकर धमकी दिया है तथा कितने जमीन का अतिक्रमण किया.
- अभय सिंह द्वारा काशीडीह स्थित सामुदायिक विकास केन्द्र की जमीन को दुर्गा पूजा पंडाल के निर्माण के बहाने अतिक्रमण कर लिया गया. अब इस जमीन का उपयोग शादी-विवाह जैसे कार्यों में व्यावसायिक इस्तेमाल कर अवैध रूप से भाड़ा वसूलने का कार्य किया जा रहा है। क्या इससे सरकार को राजस्व प्राप्त होता है?
- अभय सिंह द्वारा काशीडीह स्लैग रोड अवस्थित नाले का भी अतिक्रमण कर लिया गया है. इस प्रकार के न जाने कितने मामले होंगे जो बहुत जल्द सामने लाया जाएगा.
- बर्मामाइन्स लांगटांग बस्ती के निवासियों के लिए टाटा स्टील ने रूईया पहाड़ में घर बनाने की अनुमति दिया लेकिन लाँग टांग के विस्थापित के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कुछ सहयोगियों द्वारा वहां जमीन को अतिक्रमण कर जमीन बेचने का काम किया गया. साथ ही वे स्वयं वहां पर आलिशान मकान बनाने का काम किये. इस कार्य में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का पूर्ण सहयोग रहा है. इसके एवज में रघुवर दास के सहयोगियों ने उन्हें रिझाने के लिए उस विस्थापित बस्ती का नाम रघुवर नगर रख दिया. क्या यह जमीन अतिक्रमण करने की श्रेणी में नहीं आता है? इसकी जाँच होनी चाहिए.
- वर्ष 2018 में अभय सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से रघुवर दास पर आरोप लगाया गया था कि ‘‘मुख्यमंत्री भी अतिक्रमणकारी है, किसी को संदेह है तो मैं सबूत दे दूँ’’. भारतीय जन मोर्चा अभय सिंह से यह जानना चाहती है कि 2018 से आजतक उन्होंने सबूत क्यो नहीं सार्वजनिक किया? अब रघुवर दास जमीन अतिक्रमणकारी है या नहीं? अभय सिंह को स्पष्ट करना चाहिए. बहुत जल्द भारतीय जन मोर्चा अभय सिंह और रघुवर दास के जमीन अतिक्रमण से संबंधित सूची को जिला प्रशासन को देकर जाँच की मांग करेगा.
- जिस प्रकार रघुवर दास और अभय सिंह के समर्थकों द्वारा सोशल मीडया और समाचार पत्रों के माध्यम से अमूल्यो कर्मकार को विधायक सरयू राय के नजदीकी दिखा रहे हैं. यह नजदीकी मात्र 6 माह की है. इससे पूर्व इनका संबंध रघुवर दास से 25 वर्षों से रहा है जिसका उदाहरण के तौर पर कई फोटोग्राफ मौजूद हैं.
- टेल्को प्रबंधन से भारतीय जन मोर्चा जानना चाहती है कि बाईसिक्स के कितने कर्मचारी रघुवर दास के दबाव पर कंपनी नियमों का अवहेलना करते हुए स्थायी किया गया. रघुवर दास द्वारा स्थायी कराये गए कर्मचारियों को कार्य नहीं करने के एवज में वेतन मुहैया कराया जा रहा है. भारतीय जन मोर्चा टेल्को प्रबंधन से मांग करता है कि प्रबंधन द्वारा उन सभी यूनियन के पदाधिकारियों जिन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है, उन्हें अविलम्ब कार्य पर बुलाया जाए.
- रघुवर दास का सोन सुपर कांप्लेक्स का अवैध रूप से जमीन कब्जा कर निर्माण किया गया है.
- रघुवर दास का अपने रिश्तेदारों के नाम अवैध तरीके से बारीडीह बाजार में दुकानों का आवंटन किया गया.
- भालुबासा शीतला मंदिर के बगल में अवैध तरीके से कार्यालय का निर्माण काराया गया.
- भुईयांडीह चैक पर अवैध तरीके से गरीब परिवार की जमीन हथियाकर कांप्लेक्स का निर्माण मूलचंद साहू एवं बिल्डर के द्वारा किया गया.






