जमशेदपुर : पोटका के विधायक संजीव सरदार ने झारखंड विधानसभा में पूर्वी सिंहभूम जिले के आत्मा कर्मियों के लंबित मानदेय का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. उनके द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में सरकार ने स्वीकार किया कि वर्ष 2022 में राज्य भर के आत्मा कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल की थी और इस अवधि के मानदेय भुगतान से संबंधित मामला लंबित रहा. विधायक संजीव सरदार ने सदन में बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में आत्मा कर्मियों ने कुल 43 दिनों तक प्रखंड एवं जिला स्तर पर उपस्थित रहकर कार्य किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं हो सका. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब अन्य जिलों में भुगतान हो चुका है, तो पूर्वी सिंहभूम के कर्मियों को भी जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए. सरकार की ओर से जवाब देते हुए बताया गया कि राज्य के छह जिलों को छोड़कर अधिकांश जिलों में हड़ताल अवधि का लंबित मानदेय भुगतान किया जा चुका है. पूर्वी सिंहभूम सहित शेष जिलों के आत्मा कर्मियों के भुगतान के लिए 19 अगस्त 2023 को आत्मा गवर्निंग बॉडी की बैठक में स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है और भुगतान की प्रक्रिया जारी है. (नीचे भी पढ़ें)
विधायक संजीव सरदार द्वारा कर्मियों के हित से जुड़े इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाए जाने से आत्मा कर्मियों में उम्मीद जगी है कि उनके लंबित मानदेय का भुगतान जल्द होगा। कर्मचारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अपने अधिकार की आवाज बताया. इसी तरह पोटका विधानसभा क्षेत्र में जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विधायक संजीव सरदार ने झारखंड विधानसभा में शून्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया. उन्होंने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री इरफान अंसारी का ध्यान आकृष्ट करते हुए पोटका प्रखंड में रिक्त पड़ी जनवितरण दुकानों के लिए नई अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) जारी करने की मांग की. विधायक संजीव सरदार ने सदन में बताया कि पोटका प्रखंड में कुल 134 जनवितरण प्रणाली की दुकानें स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में लगभग 110–115 दुकानें ही संचालित हो रही हैं. कई दुकानों की अनुज्ञप्ति निरस्त होने, त्यागपत्र, मृत्यु अथवा स्वास्थ्य कारणों से अनेक दुकानें रिक्त पड़ी हैं. इसके कारण कई स्थानों पर एक ही विक्रेता को दो से तीन दुकानों का प्रभार देना पड़ रहा है, जिससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है. (नीचे भी पढ़ें)
विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि रिक्त दुकानों के लिए स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को शीघ्र अनुज्ञप्ति प्रदान की जाए, ताकि जनवितरण प्रणाली सुचारू रूप से चल सके और युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिले. विधायक संजीव सरदार द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने से क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही पीडीएस व्यवस्था में सुधार होगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.







