
जमशेदपुर : कहते हैं ना कि जिसको कुछ करने की चाह हो वह हर चीज मुमकिन कर सकता है बस अपने लक्ष्य की ओर ध्यान केंद्रित करते रहे और आगे बढ़ते रहे. युवा लेखक अंशुमन भगत, जो कि जमशेदपुर के रहने वाले हैं उनको भारत की चौथी बड़ी कंपनी “ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” ने उन्हें खिताब से नवाजा है. गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड तथा लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड की तरह भारत में प्रसिद्ध ओएमजी बुक्स ऑफ रिकॉर्ड ने युवा लेखक अंशुमन भगत को उनके इस छोटे से उम्र में साहित्य पर योगदान और दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बनने के लिए ओएमजी बुक्स ऑफ रिकॉर्ड ने उन्हें उनकी किताब (योर ओन थॉट) तथा (बेस्ट इंस्पिरेशनल कोट्स) के लिए “इंडियाज मोस्ट पोपुलर यंग फेस इन द राइटिंग वर्ल्ड-2021” से पुरस्कृत किया है. ओएमजी बुक्स ऑफ रिकॉर्ड उन्हीं लोगों को रिकॉर्ड से पुरस्कृत करती है जिन्होंने कुछ नया और भारत तथा भारत के जनता के लिए कोई मिसाल कायम करने वाली चीजें की हो. अंशुमन भगत ने इतनी कम उम्र में ही ऐसे विषयों पर पुस्तक लिखे हैं जो कि हर युवा वर्ग को प्रोत्साहित करता है और कुछ नया करने पर विवश करता है उनकी पुस्तक भारत के हर प्लेटफार्म पर अवेलेबल है. आज लोग इस कोरोन नामक वैश्विक महामारी से जूझ रहे हैं लेकिन इस महामारी से लड़ते हुए कैसे हमें आगे बढ़ना है और भारत को आगे ले जाना है यह हर युवा वर्ग को अंशुमन भगत से सीखना चाहिए. आज अंशुमन भगत ने जमशेदपुर वरन झारखंड का नाम रोशन किया है और यह अवार्ड या कहें रिकॉर्ड यूं ही बनते रहेंगे क्योंकि युवा लेखक अंशुमन भगत अब रुकने वाले नहीं हैं. अंशुमन भगत जमशेदपुर के गोलमुरी रिफ्यूजी कॉलोनी के रहने वाले है. उनके पिता जोगेंद्र भगत है, जो ट्रांस्पोर्टर थे और मां किस्मावती देवी है. उनकी शुरुआती स्कूल केरला समाजम मॉडल स्कूल से हुई. उनके बड़े भाई विजय कुमार डीएवी, पटेलनगर के शिक्षक है जबकि छोटे भाई अरुण कुमार पढ़ाई भी कर रहे है. इसके बाद मुंबई में तीन साल तक कास्टिंग डायरेक्टर के तौर पर काम किया है और अभी पुस्तक लिखने के अपने शौक को उतारा है.





