जमशेदपुर : टाटा समूह के संस्थापक सह भारतीय उद्योगों के पितामह जमशेतजी टाटा की 184वीं जयंती पर पूर्वी सिंहभूम रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से 3 से 6 मार्च तक 4 दिवसीय मानव सेवा कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी. इसमें शहर की कम्पनियों से जुड़े लोग व आम नागरिक भी शामिल होंगे. (नीचे भी पढ़ें)
जमशेदपुर को टाटा की धरती भी कहा जाता है, क्योंकि टाटा समूह के उद्योग सबसे अधिक यहीं फले-फूले हैं और इस शहर व आसपास के क्षेत्रों में जमशेतजी टाटा के विचारों के अनुरूप टाटा से जुड़े उद्योगों ने सामाजिक सरोकार की भावना से उस समय से काम करना शुरू कर दिया था, जब इस शब्द को अपना वर्तमान अर्थ भी नहीं मिला था. ऐसे महान उद्योगपति व देश के आद्योगिक परिदृष्य के निर्माता जेएन टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शहर के बीचोंबीच साकची स्थित रेड क्रॉस भवन में शुक्रवार, 3 मार्च को रक्तदान शिविर आयोजित होगा. प्रातः 9 बजे से शाम 4 तक चलने वाले शिविर में नियमित रक्तदाताओं के साथ ही टाटा समूह से जुड़े उद्योगों के प्रतिनिधियों व कर्मचारियों के साथ ही सामाजिक संगठनों से भी हिस्सा लेने का आग्रह किया गया है. रक्तदान के साथ ही रेड क्रॉस सोसाइटी जेएन टाटा की जयंती पर अपना 674वां नेत्र शिविर भी आयोजित करेगी. 4 से 6 मार्च तक बागबेड़ा स्थित राम मनोहर लोहिया सेवा संस्थान में आयोजित इस नेत्र शिविर में जरूरतमंद लोगों की आंखों की जांच कर मोतियाबिन्द रोगियों को चिह्नित कर उनका निःशुल्क ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण कराया जायेगा. इन कार्यक्रमों में टाटा स्टील समूह की जेमीपोल के साथ ही टाटा पिगमेंट्स भी सहयोग कर रही हैंं.(नीचे भी पढ़ें)
180वां सेफ्टी फर्स्ट एड डिजास्टर मैनेजमेंट ट्रेनिंग 1 से
वहीं, प्रत्येक माह आयोजित होने वाले सेफ्टी फर्स्ट एंड डिजास्टर मैनेजमेंट कार्यक्रम होली महापर्व को ध्यान में रखते हुए 1 मार्च से 6 मार्च तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. इस सत्र में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी 1 मार्च को रेड क्रॉस भवन में प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत में अपना नामांकन करा सकते हैं. ट्रेनिंग के दौरान प्रतिभागियों को कम्पनी एवं आम जनजीवन से जुड़े सेफ्टी पहलुओं के साथ ही फर्स्ट एड के तहत प्राथमिक सहायता के विभिन्न स्तरों पर की जाने वाली मदद का प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके तहत डॉक्टर के पहुंचने से पहले या घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचने से पहले दी जाने वाली सहायता की सही जानकारी, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के सही तरीके, सांप काटने, हार्ट अटैक की स्थिति मे दी जाने वाली सहायता के साथ आपदा प्रबंधन के सम्बन्ध में भी जानकारी दी जाती है.



