बहरागोड़ा: बहरागोड़ा प्रखंड के चौरंगी स्थित पीएचईडी विभाग से संचालित पेयजलापूर्ति महीनों से बंद होने से मौदा और पाथरी पंचायत के डिंगाशाई, बेन्दा, मौदा, बामडोल, रघुनाथपुर, महुलडांगरी, कुलियंक, मधुआबेड़ा, गोहालडीहि, पिपली, रघुनाथपुर, बड़ामचाटी, कालापड़ासिया, बेलडीहि, झाटियाशोल, पाथरी, चड़कमारा, भालियाटकरी समेत अन्य गांव के ग्रामीणों के बीच पेयजल संकट गहरा गया है. इन गांवों के ग्रामीण पेयजल के लिए परेशानियां झेल रहे हैं. जलापूर्ति बंद होने से लगभग 1700 परिवार के सम्मुख पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति नहीं होने से गांव के ग्रामीण अपने नजदीक अवस्थित चापाकल या सोलर जलमीनार से पानी ढोहकर लाते हैं. ग्रामीणों ने कहा कि 2 सितंबर 2024 को पीएचडी विभाग के अधिकारियों संग बैठक कर जामशोला स्थित सुवर्णरेखा नदी में लगे मोटर को दुरुस्त करने की मांग की थी और पदाधिकारियों ने आश्वासन भी दिया था. फिर विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पुराने मोटर को बदलकर नया मोटर लगाया गया, इससे कुछ ही दिन पेयजल की सप्लाई होने के बाद पुन: पंप बंद हो गया है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभाग के पदाधिकारी और क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों से मिलकर बंद पड़े जलापूर्ति योजना को दुरूस्त कराने की मांग की है परंतु अबतक इस दिशा में किसी ने भी पहल नहीं किया है इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश हैं.



