चाकुलिया : कृषि बाजार शुल्क दोबारा लागू करने के विरोध में मिलर्स एसोसिएशन और खाद्यान्न के व्यापारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को चौथे दिन भी जारी है. मिलरो के हड़ताल पर चले जाने से जहां मजदूरों को बेरोजगार होना पड़ रहा है, वही धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर व्यापक असर दिखाई दे रहा है. चावल मिलरो में धान अधिप्राप्ति केंद्र से धान का उठाव करना बंद कर दिया है. इसके कारण विभिन्न लैम्पसों में धान का भंडार है और अनेक लैंपसों में धान रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. इसके कारण धान की खरीदी भी बंद होने के कगार पर है. धान का उठाव नहीं होने के कारण लोडिंग अनलोडिंग से जुड़े सैकड़ों मजदूर भी बेरोजगार बैठे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
चाकुलिया मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक झुनझुनवाला और सचिव विनीत रूंगटा ने कहा कि धान अधिप्राप्ति केंद्रों में धान उठाओ नहीं करने का निर्णय लिया गया है. ज्ञात हो कि पूर्वी सिंहभूम जिला के विभिन्न प्रखंडों के 37 लैम्पस में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी हो रही है. जिला में 22 मिले हैं. जिला में धान खरीदी का लक्ष्य 5 लाख क्विंटल धान है. लैम्पसों में खरीदे गये धान चावल मिलों में भेजा जाता है इसके लिए चावल मिलों को विभिन्न लैंपसों में संबद्ध किया गया है. विगत 3 दिनों से धान का उठाव नहीं हो रहा है इसके कारण लैम्पसो में धान का भंडार है. ऐसे में मिलर्सो की हड़ताल जारी रही तो धान खरीदी का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा.




