गालूडीह : हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय धातकीडीह का माहौल हिंदीमय रहा. विद्यालय परिसर में कार्यशाला के साथ निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया. किसी ने अपने लेखन के माध्यम से हिंदी भाषा की विशेषताओं को सामने रखा, तो किसी ने वाद-विवाद के मंच पर तर्क और विचारों के साथ अपनी बात रखी. कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के इतिहास, महत्व और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता से अवगत कराया गया. शिक्षकों ने कहा कि हिंदी केवल बातचीत और पढ़ाई-लिखाई तक सीमित भाषा नहीं है, बल्कि यह देश की अलग-अलग संस्कृतियों, परंपराओं और भावनाओं को जोड़ने का काम करती है. विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए भी प्रेरित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना शक्ति और लेखन क्षमता का परिचय दिया. कक्षा आठ के सिमल हेंब्रम ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि कक्षा सात की सुष्मिता मुर्मू द्वितीय रही. वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार और तर्क प्रस्तुत किये. इसमें कक्षा आठ की कस्मिता माण्डी ने प्रथम तथा प्रिया पातार ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया. बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया. प्रधानाध्यापक साजिद अहमद ने कहा कि बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देना जरूरी है. निबंध और वाद-विवाद जैसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी भाषा तथा अभिव्यक्ति क्षमता मजबूत होती है. उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी पहचान और गौरव से जुड़ी भाषा है. इसे पढ़ना, लिखना और सम्मान देना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है. कार्यक्रम में शिक्षक रूप कुमार शीट, निखिल रंजन धावड़िया, अमरजीत माझी, मौमिता मुर्मू और एसएमसी सदस्य गुड़िया मुर्मू समेत विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखा गया. विद्यालय परिसर में हिंदी के सम्मान और इसके अधिकाधिक प्रयोग का संदेश भी दिया गया. “हिंदी पढ़ें, हिंदी लिखें, हिंदी बोलें-हिंदी का सम्मान करें” जैसे संदेशों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.




