चाकुलिया : चाकुलिया वन क्षेत्र में पहले बाघ और अब तेंदुआ ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना हुआ है. बुधवार को चाकुलिया के श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र में श्यामसुंदरपुर पंचायत के स्वर्णरेखा नदी से सटे खड़गबेड़ा गांव के पास बुधवार की सुबह एक तेंदुआ के आने की सूचना से दहशत फैल गया. खड़गबेड़ा गांव के लखी चरण मांडी नामक युवक ने स्वर्णरेखा नदी के किनारे तेंदुआ देखने की पुष्टि की. इसके बाद सूचना पाकर चाकुलिया से वन विभाग की टीम खड़गबेड़ा पहुंची और जांच पड़ताल की. इस टीम में वनरक्षी तपन कुमार मुंडा,भादू राम सोरेन, संतोषील घोष और अजीत मुर्मू समेत क्विक रिस्पांस टीम के सदस्य शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
बाघ देखने वाले दोनों युवक को वन विभाग की टीम ने बाघ, तेंदुआ और चीता की तस्वीर मोबाइल पर दिखाई तो युवक ने कहा कि बाघ और चीता नहीं तेंदुआ था. जानकारी के मुताबिक यह तेंदुआ मुसाबनी वन क्षेत्र के गुड़ाबांदा की ओर से स्वर्णरेखा नदी पार कर आया था. ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को बताया कि तेंदुआ नदी को पार कर गुड़ाबांदा की ओर चला गया. हालांकि खड़गबेड़ा के पास तेंदुआ के पंजे का निशान नहीं देखा गया. वन विभाग की टीम ने आसपास के गांव और टोलों के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की. ग्रामीणों द्वारा टीम को यह सूचना मिली कि गुड़ाबांदा क्षेत्र में तेंदुआ के पंजे के निशान हैं. चाकुलिया वन विभाग की टीम ने इसकी सूचना गुड़ाबांदा वन विभाग की टीम को दे दी है. गुड़ाबांदा में भी वन विभाग की टीम तेंदुआ की खोजबीन में जुटी है.



