बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड की मौदा पंचायत के चौरंगी में 9.76 करोड़ की लागत से स्थापित मौदा ग्रामीण जलापूर्ति योजना से कई गांव में जलापूर्ति नहीं हो रही है. स्वर्णरेखा नदी में स्थापित इंटक वेल के 25-25 एचपी के दो मोटर में से मात्र एक मोटर ही चालू स्थिति में है. इसके कारण टंकी में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं चढ़ रहा है. ज्ञात हो कि स्वर्णरेखा नदी से पाइप के माध्यम से पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में लाया जाता है. पानी को फिल्टर कर टंकी में चढ़ाया जाता है और जलापूर्ति होती है. इस जलापूर्ति योजना के तहत 3.60 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी बनाई गई है. यहीं से 17 गांवों में जलापूर्ति होती है. योजना का संचालन मौदा ग्रामीण जलापूर्ति समिति के तहत होता है. (नीचे भी पढ़ें)
जानकारी के मुताबिक विगत कई माह से गोहालडीह, मधुआबेड़ा, कुलियंक, राधा नगर, पिपली, रघुनाथपुर, बड़ामचाटी, बामडोल, कालापड़ासिया गांव में जलापूर्ति नहीं हो रही है. इन गांवों के ग्रामीण पेयजल के लिए परेशानियां झेल रहे हैं. मौदा ग्रामीण जलापूर्ति समिति के अध्यक्ष मौदा पंचायत के मुखिया पुरुषोत्तम सिंह मुंडा ने कहा कि एक मोटर की मरम्मत करा कर रखा गया है. उक्त मोटर को शीघ्र ही इंटकवेल में लगाया जाएगा. इसके बाद जलापूर्ति दुरुस्त हो जाएगी. इधर मधुआबेड़ा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि महीने में एक-दो दिन ही पानी पहुंचता है इस के लिए काफी दिनों से एक सोलर जलमीनर स्थापित करने की मांग जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन से करते आ रहें हैं परंतु अबतक किसी ने भी इस दिशा में अबतक पहल नहीं की है जिससे मधुआबेड़ा गांव के ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है.



