
जमशेदपुर: 11 दिसंबर, गुरुवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बागबेड़ा परिसर में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बागबेड़ा क्षेत्र से लगभग 250 महिलाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों तथा विशिष्ट अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती, ॐ तथा भारत माता के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा पुष्पार्चन के साथ हुआ. कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमती रिंकी सिंह के द्वारा प्रस्तुत की गई. इस अवसर पर सप्तशक्ति संगम की आज की मुख्य वक्ता मंजू श्रीवास्तव ने कुटुंब प्रबोधन के प्रति भारतीय दृष्टि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदर्श कुटुंब व्यवस्था माता पर ही निर्भर करती है तथा परिवार को सुदृढ़ बनाने के लिए लड़कियों को सुदृढ़ बनने की आवश्यकता है. नारी समाज की प्रेरणा और राष्ट्र की आत्मा है. नारी अपने अंदर विद्यमान सप्त गुणों यथा कीर्ति, श्री, धन, वाणी, स्मृति, धैर्य और क्षमा आदि को जागृत कर लें तो वो संसार में परिवर्तन ला सकती है तथा देश एवं समाज को एक सही दिशा दिखा सकती है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सप्तशक्ति संगम की विशिष्ट वक्ता श्रीमती पीयूष वर्णवाल ने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृशक्ति से ही समाज का विकास एवं कल्याण संभव है. उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला. (नीचे भी पढ़े)

कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी एवं प्रेरणादायी महिलाओं के संदेश वेशभूषा के साथ पहचानने की प्रतियोगिता कराई गई जिसमें दर्शक दीर्घा में बैठी महिलाओं के द्वारा उत्साह पूर्वक भाग लिया गया, तथा विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया. बागबेड़ा में रहने वाली मां आरती देवी को बेहतर कुटुंब प्रबोधन हेतु मंच पर सम्मानित किया गया. आशीर्वचन में कार्यक्रम की अध्यक्षा एवं सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बागबेड़ा प्रबंधकारिणी समिति की सचिव डॉ कविता परमार ने कहा शिशुओं के सर्वांगीण विकास में माता की सर्वप्रथम भूमिका होती है, माताओं को अपने कर्तव्य का ध्यान रखना है, स्वदेशी का भाव रखना है, आपस में भेद भाव नहीं करना है, परिवार को जोड़ कर चलना है तथा हमें पर्यावरण की भी रक्षा करनी है. नीलम दीदी के द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी का आभार प्रस्तुत किया गया एवं मंच संचालन रेणु दीदी ने किया. कार्यक्रम में विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की माताएं,संकुल संयोजक सह विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, प्रधानाचार्य रंजय कुमार राय, प्रगति सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बिरसानगर के प्रधानाचार्य अभिलाष गिरी, विद्यालय के आचार्य -दीदी जी उपस्थित थे.



