जमशेदपुर: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के अश्लील वीडियो चैट एवं प्रतिबंधित पिस्टल रखने के मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर का बयान हस्यास्पद करने वाला है. प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले को राजनीतिक करार दिया है. जबकि वास्तव में यह मामला सामाजिक एवं आपराधिक है. सामाजिक इस लिहाज से कि वीडियो चैट में शामिल कथित महिला ने अपने पति के साथ की गई चैट को मंत्री के साथ टैग कर दिए जाने का आरोप लगाया है. हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है यह जांच के बाद ही पता चलेगा. वहीं इस मामले में मंत्री ने खुद प्राथमिकी दर्ज करायी है. तब तो यह आपराधिक मामला बन गया है. उक्त बातें जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कही. वे शुक्रवार को अपने बिष्टुपुर स्थित आवास पर मीडियाकर्मियों को संबोधित कर रहे थे. सरयू राय ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने दोनों मामले को राजनीतिक बताकर इस मामले में आगे जाने का रास्ता खोल दिया है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस मामले के जांच अधिकारियों को पूरे मामले से पर्दा हटाना चाहिए.(नीचे भी पढे)
विधायक सरयू राय ने इस मामले की जांच में किसी तरह के हस्तक्षेप से साफ इंकार किया.विधायक सरयू राय ने बताया कि ग्लॉक पिस्टल का दोनों वर्जन 21 एवं 44 प्रतिबंधित है. इस संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पत्र जारी किया है. उक्त पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कोलकाता के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर उक्त पिस्टल के संबंध में कोलकाता प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी मांगी है. भेजे गए पत्र में विधायक ने जिक्र किया है कि प्रतिबंधित पिस्टल झारखंड सरकार के एक मंत्री के पास है. जिनका आवास जमशेदपुर में है. उक्त पिस्टल की विक्रेता फर्म कोलकाता की जे विश्वास एंड कंपनी है. उक्त फायर आर्म्स बेचने का लाईसेंस उक्त फर्म के पास है या नहीं है. वगैर प्रूफ टेस्ट के इसकी बिक्री कैसे की गई. सारी बातों की जानकारी मांगी गई है.



