
जमशेदपुर : जमशेदपुर में एक बार फिर से जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सह स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के बीच शह और मात का खेल शुरू हो चुका है. इस कड़ी में सरयू राय द्वारा उठाये गये मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा दिये गये आदेश के आलोक में सोमवार से बिष्टुपुर स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच शुरू कर दी गयी. सोमवार को जांच के पहले दिन जांच टीम ने सेंटर संचालक से सेंटर के लिए तय मानक के अनुसार जरुरी कागज है या नहीं इसकी जांच की और दस्तावेजों की मांग की जबकि रेट चार्ट भी तलब की. सेंटर पर तय रेट से अधिक पैसा लेने का आरोप है. इस मामले में यह आरोप है कि पुलिस के आला अधिकारी के परिजन को यह आवंटित किया गया था, जहां मनमाना रेट वसूला जा रही था. दूसरी ओर, जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने सदर अस्पताल में कोरोना मरीजों की सुविधा बढ़ाने के लिए दिए 16 लाख रुपए की अनुशंसा को रोकने का आदेश जिले के डीडीसी को दिया है. वहीं विधायक द्वारा फंड रोकने के निर्देश देने के साथ ही जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो व पोटका विधायक संजीव सरदार ने अस्पताल में डायलिसिस सेंटर समेत अन्य सुविधाओं की बढ़ोतरी के लिए अस्पताल प्रबंधन को आश्वासन दिया है. विधायक सरयू राय ने कहा कि पूर्व में सिविल सर्जन अस्पताल में बेड व अन्य उपकरण की जरूरत बताते हुए राशि देने की मांग की थी. सिविल सर्जन द्वारा उस समय एक बेड व अन्य समानों की संख्या व रेट भी दिया गया था. इसी आधार पर वे डीडीसी को फंड रिलीज करने का आदेश दिए थे, लेकिन डीडीसी की ओर से फंड देने के बाद जो विवरण भेजा गया उसमें पूर्व में सिविल सर्जन द्वारा दिए गए ब्योरा में अंतर था इसलिए उसे रोकने का आदेश दिये है क्योंकि पूर्व में जो रेट व क्वांटिटी था वह अलग था और जो फाइनल हुआ वह अलग है. यह अंतर किस कारण से हुआ इसकी जानकारी लेने के बाद फिर से राशइ देना है या नहीं, इसको लेकर सरयू राय ने कहा है. वैसे खुद सिविल सर्जन इस बात से इनकार कर रहे है.



