जमशेदपुर : सवर्णों की आवाज बनकर यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन एक्ट 2026 के खिलाफ अपने संगीत और गायन से लोगों में जनजागृति पैदा करने वाले लोक गायक पंडित केके ओझा ( पंडित जी) को एक कार्यक्रम में जमशेदपुर आगमन पर उन्हें सवर्ण महासंघ फाउंडेशन भारत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष डीडी त्रिपाठी के नेतृत्व में “राष्ट्रीय सवर्ण सम्मान ” से सम्मानित किया गया. सम्मान से अभिभूत केके पंडित ने कहा कि सवर्ण समाज सदैव से राष्ट्र चिंतन और सांस्कृतिक संस्कारों को अक्षुण रखने के प्रति कटिबद्ध रहे हैं. पर देश के अंदर राजनीतिक लिप्सा ने सत्ता और व्यवस्था के मन में सवर्णों के प्रति कुंठा पैदा कर दी हैं, जिसका प्रकटीकरण यूजीसी जैसे काले कानून के रूप में देश के सामने आया. (नीचे भी पढ़ें)

संगीत के माध्यम से अपने लोकतांत्रिक गरिमा के अनुरूप लोगों में इसके विकृत स्वरूप को पहुंचने का किंचित प्रयास किया, जिसके लिए आज प्राप्त ये सम्मान उस प्रयास पर स्वर्णिम हस्ताक्षर के रूप में पहचान दिया हैं. उन्होंने सवर्ण महासंघ फाउंडेशन भारत के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया. इस अवसर पर सवर्ण महासंघ फाउंडेशन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डीडी त्रिपाठी के अतिरिक्त झारखंड प्रदेश के मानद अध्यक्ष बाबू विरेन्द्र सिंह, डॉ दिलीप ओझा, कोल्हान प्रमंडलीय ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष बीरेंद्र तिवारी, सतीश मिश्रा, दीपक दुबे, अजय ओझा, चंदू मिश्रा, संजीव श्रीवास्तव, लैला तिवारी एवं अन्य उपस्थित रहें.




